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Election: कर्नाटक नतीजे के बाद राज्यों पर भाजपा नेतृत्व के नजरिये में बदलाव, पोस्टर पर दिखीं वसुंधरा

Fri, 02 Jun 2023 04:53 AM IST
वीरेंद्र शर्मा हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Fri, 02 Jun 2023 04:53 AM IST
सार

पार्टी नेतृत्व मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर ज्यादा चिंतित है। छत्तीसगढ़ में जहां पार्टी मजबूत नेतृत्व नहीं उभार पाई है, वहीं मध्यप्रदेश में कई स्तर पर व्यापक गुटबाजी है। कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए विधायक ऊहापोह की स्थिति में हैं।

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After results Karnataka assembly elections BJP given a message of change its strategy in the poll bound states
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा ने चुनावी राज्यों में अपनी रणनीति में बदलाव का संदेश दिया है। नई रणनीति इन राज्यों में क्षेत्रीय ताकतों को तरजीह देने की है। इस क्रम में राजस्थान में चुनाव की कमान वसुंधरा राजे को देने और मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ में अहम बदलावों को मंजूरी देने के संकेत मिल रहे हैं। बुधवार से शुरू हुए देशव्यापी महासंपर्क अभियान के बाद जुलाई महीने में इन बदलावों में मुहर लगने के संकेत मिल रहे हैं।
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पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक राज्यों में जिस तरह के बदलाव की जरूरत महसूस होगी, उस पर सख्ती से अमल किया जाएगा। इस क्रम में न सिर्फ मप्र, छत्तीसगढ़ व राजस्थान की स्थिति की समीक्षा होगी, बल्कि लोस चुनाव के बाद जिन राज्यों (महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा) में विस चुनाव होने हैं, उनकी भी समीक्षा होगी। चूंकि इन राज्यों के चुनाव के तीन से चार माह के बाद लोस चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी इन राज्यों में पीएम मोदी को चेहरा बना कर चुनाव नहीं लड़ना चाहती।
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जुलाई में अहम बदलावों पर मुहर
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जुलाई महीने में केंद्र और राज्य के स्तर पर कई बदलाव होंगे। इसी महीने मोदी मंत्रिमंडल का अंतिम विस्तार होगा। इसके अलावा राज्यवार खासतौर पर चुनावी राज्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। दोनों ही स्तर पर चुनावी जरूरतों और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे। पार्टी खासतौर से लोकसभा चुनाव से चंद महीने पहले इस साल के तीन चुनावी राज्यों को ले कर बेहद चिंतित है।
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मप्र-छग को लेकर चिंता ज्यादा
पार्टी नेतृत्व मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर ज्यादा चिंतित है। छत्तीसगढ़ में जहां पार्टी मजबूत नेतृत्व नहीं उभार पाई है, वहीं मध्यप्रदेश में कई स्तर पर व्यापक गुटबाजी है। कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए विधायक ऊहापोह की स्थिति में हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि यहां प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जबकि सीएम शिवराज सिंह चौहान लगातार 18 सालों से पार्टी का चेहरा हैं। शीर्ष स्तर पर तय किया जाना है कि संगठन और सरकार में किस तरह के बदलाव की जरूरत है। जरूरत महसूस होने पर शीर्ष स्तर पर भी बदलाव किया जाएगा।


राजस्थान में बदल रही तस्वीर, पोस्टर पर दिखीं वसुंधरा
बुधवार को पीएम की अजमेर में हुई रैली के बाद वसुंधरा और केंद्रीय नेतृत्व के रिश्ते में सुधार के संकेत मिले हैं। अरसे बाद इस रैली से जुड़े पोस्टर में वसुंधरा को प्रमुखता दी गई है। रैली में वसुंधरा पीएम के बगल में बैठीं। दोनों के बीच बातचीत भी हुई। वैसे भी नई परिस्थिति में पार्टी राज्य में पीएम को चेहरा बनाकर चुनाव नहीं लड़ना चाहती। ऐसे में वसुंधरा को चुनाव की कमान दिए जाने की चर्चा है।
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