मिस्त्री को हटाने के बाद अब टाटा संस में बड़ा फेरबदल
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सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाने के करीब एक सप्ताह बाद टाटा संस ने शुक्रवार को सांगठनिक बदलाव की घोषणा की। टाटा संस ने अपने एक बयान में कहा कि एस पद्मनाभन को समूह का मानव संसाधन (एचआर) प्रमुख बनाया गया है। इसके अलावा मिस्त्री के कार्यकाल में टाटा ब्रांड के संरक्षक मुकुंद राजन को अमेरिका, सिंगापुर, दुबई और चीन में टाटा संस के प्रतिनिधि कार्यालयों का पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही ईथिक्स और सस्टेनेबिलिटी की उनकी पुरानी जिम्मेदारी भी उनके पास बनी रहेगी। साथ ही मार्केटिंग और ग्राहक केंद्रीयता के प्रभारी हरीष भट को टाटा ब्रांड का प्रबंधन करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। अंतरिम अवधि में भट रणनीतिक गतिविधि और व्यापार विकास के कार्यों को भी देखेंगे।
पद्मनाभन के पास समूह एचआर की जिम्मेदारी के साथ टाटा बिजनेस एक्सीलेंस समूह का नेतृत्व करने की पुरानी जिम्मेदारी भी बरकरार रहेगी। बयान के मुताबिक गोपीचंद खत्रगड्डा समूह के मुख्य तकनीक अधिकारी बने रहेंगे। संजय सिंह दिल्ली कार्यालय से जनसंपर्क मामलों का पर्यवेक्षण करेंगे।
टाटा स्टील यूके का भविष्य 4 सप्ताह में होगा तय : रिपोर्ट
मिस्त्री द्वारा गठित और भंग किए जा चुके ग्रुप एक्जीक्यूटिव काउंसिल के तीन सदस्य निर्मल्या कुमार, एनएस राजन और मधु कन्नन पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। बयान में कहा गया है कि उन्होंने टाटा संस से बाहर भविष्य तलाशने का फैसला किया है और कंपनी की सेवा छोड़ चुके हैं। 24 अक्तूबर को टाटा संस के बोर्ड ने सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटा दिया और पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त कर दिया था।
कंपनी ने कहा था कि अगले चार महीने में नए चेयरमेन का चुनाव किया जाएगा। तब से टाटा और मिस्त्री के बीच जुबानी तकरार जारी है। मिस्त्री आरोप लगाया है कि उन्हें लाचार चेयरमैन वाली स्थिति में पहुंचा दिया गया था और निर्णय निर्माण प्रक्रिया में बदलाव किए जाने से वैकल्पिक सत्ता केंद्र पैदा हो गए थे। दूसरी तरफ टाटा ने भावी सफलता के लिए मिस्त्री को हटाए जाने को जरूरी बताया है।
टाटा स्टील यूके का भविष्य 4 सप्ताह में होगा तय : रिपोर्ट
टाटा संस के अंतरिम चेयरमैन ब्रिटेन के इस्पात करोबार को समूह में बनाए रखना चाहते हैं और वह इस पर चार सप्ताह में फैसला कर लेंगे। यह बात यहां के एक प्रमुख समाचार पत्र गार्जियन की एक रिपोर्ट में कही गई है। माना जा रहा है कि टाटा स्टील यूके पर आखिरी फैसला करने से पहले वह गहराई से समीक्षा करेंगे। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि टाटा ब्रिटेन के इस्पात कारोबार को समूह में बनाए रखना चाहते हैं।