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नोटबंदी के बाद 5 लाख टेक्सटाइल श्रमिकों के बैंक खाते खुले
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Dec 2016 03:56 AM IST
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फाइल फोटो
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केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि नोटबंदी के बाद पिछले तीन सप्ताह में टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े पांच लाख श्रमिकों के बैंक खाते खोले गए। उन्होंने कहा कि इन श्रमिकों को बैंक खातों को डिजिटल तरीके से संचालित करने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गत 8 नवंबर को सरकार ने नोटबंदी का फैसला किया था। सरकार ने सभी उद्यमियों को उनके यहां काम करने वाले श्रमिकों के खाते खुलवाने के निर्देश दिए हैं।
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अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) की तरफ से आयोजित पुरस्कार कार्यक्रम में ईरानी ने कहा कि नोटबंदी के बाद मंत्रालय के प्रयास से पांच लाख श्रमिकों के बैंक खाते खोले गए। इस अवसर पर एईपीसी के चेयरमैन अशोक जी रजानी ने कहा कि अगले तीन साल में गारमेंट निर्यात के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
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उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका व यूरोप से गारमेंट की मांग में कमी से भारतीय गारमेंट निर्यात क्षेत्र चुनौतियों से गुजर रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से इस साल जून में दिए गए आर्थिक पैकेज की बदौलत उन्हें राहत मिली है। टेक्सटाइल के कुल निर्यात में गारमेंट की हिस्सेदारी 47 फीसदी है। इस साल अप्रैल-नवंबर में भारत ने 10.96 अरब डॉलर का गारमेंट निर्यात किया है। पिछले वित्त वर्ष में 16.9 अरब डॉलर का गारमेंट निर्यात किया गया था।
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डिजिधन अभियान के तहत 25 लाख ग्रामीणों का पंजीयन
इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, डिजिधन अभियान के तहत डिजिटल भुगतान के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से 25 लाख ग्रामीणों को जोड़ा गया है। मंत्रालय के मुताबिक, देश के विभिन्न जिलों व ब्लॉक में 55,000 कारोबारी ग्रामीण ग्राहकों को डिजिटल भुगतान की पेशकश कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा व इनसे जुड़े मसलों को लेकर वर्ष 2017 में भारत में ग्लोबल साइबर स्पेस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।