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डोकलाम विवाद के बाद निर्माण कार्य में जुटी सेना, चीनी सीमा पर जल्द पहुंच सकेंगे भारतीय सैनिक

Thu, 23 Nov 2017 08:58 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Thu, 23 Nov 2017 08:58 PM IST
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after Doklam standoff, Army starts to strengthen road work along China border
डोकलाम विवाद

सिक्किम के डोकलाम में 73 दिन तक चले टकराव को देखते हुए सेना ने चीन सीमा से लगते इलाकों में सड़क निर्माण में तेजी लाने का फैसला किया गया। इसका मकसद आपातकालीन स्थिति में सैनिकों को जल्द से जल्द सीमा तक पहुंचाना है। इस काम का जिम्मा उसने इंजीनियर्स कोर को सौंपा है।

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंजीनियर्स कोर (सीओई) पहले ही इसके लिए कई अहम कदम उठा चुका है। इसमें पहाड़ काटने और सड़क निर्माण के विभिन्न उपकरणों और नए संस्करणों के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके अलावा सैनिकों की तीव्र आवाजाही के लिए असाल्ट ट्रैक की खरीद की जा रही है। 
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सूत्रों ने बताया कि सेना मुख्यालय ने बारूदी सुरंग का पता लगाने की कोर इंजीनियरों की क्षमता बढ़ाने के लिए एक हजार से अधिक दोहरे ट्रैक माइन डिटेक्टरों के आर्डर दिए है, जिससे सुरंगों का पता लगाने की सीओई की क्षमता को बढ़ाया जा सके। साथ ही नई तकनीक वाली 100 से ज्यादा खुदाई की मशीनें भी खरीदी जा रही हैं, जिससे उत्तरी इलाके में पहाड़ी क्षेत्रों के पास ट्रैक तैयार करने के लिए इंजीनियरों की क्षमता बढ़ाई जा सके।

जरूरत पड़ने पर बीआरओ की भी मदद ली जाएगी

after Doklam standoff, Army starts to strengthen road work along China border

सीमा पर सैनिकों को शीघ्र भेजने के लिए 50 से ज्यादा कम अवधि के पुल बनाने और बड़ी संख्या में असॉल्ट ट्रैक की भी तैयारी है। भारत और चीन के बीच 4000 किलोमीटर लंबी सीमा है। 237 साल पुरानी इंजीनियर्स कोर सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों और तोपों की जल्द से जल्द आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इंजीनियरिंग सहायता और संपर्क कायम रखने में मदद करती है। जरूरत पड़ने पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की भी मदद ली जाएगी।  वर्ष 2005 में बीआरओ को चीन सीमा पर 73 सड़कों निर्माण को कहा गया था लेकिन इसमें काफी देरी हो चुकी है। 

सूत्रों ने बताया कि संवेदनशील सीमा पर आधारभूत ढांचे को बढ़ाना सरकार की सेनाओं की लड़ाकू तैयारियों को प्रोत्साहित करने की समग्र रणनीति का एक हिस्सा है। सेना दोकलम गतिरोध के बाद चीन-भारत सीमा पर आधारभूत संरचना पर ध्यान दे रही है।

चीन की सेना द्वारा विवादित क्षेत्र में सड़क निर्माण को भारतीय सैनिकों के रोकने के बाद 16 जून से दोकलत में 73 दिनों तक भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध बना रहा। यह गतिरोध 28 अगस्त को खत्म हुआ था।

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