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धार्मिक टिप्पणी कर फंसे नरेश अग्रवाल, संघ कर रहा कानूनी कार्रवाई की तैयारी

Sat, 22 Jul 2017 03:13 PM IST
संजय मिश्र
संजय मिश्र Updated Sat, 22 Jul 2017 03:13 PM IST
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after communal statement, naresh agarwal become at RSS target

एक समय संघ-भाजपा के दुलारे रहे सपा नेता नरेश अग्रवाल भगवा परिवार के निशाने पर हैं। हिन्दू देवताओं के खिलाफ संसद में अग्रवाल की टिप्पणी को लेकर संघ परिवार उन पर कानूनी कार्रवाई के जुगत में हैं। धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले को लेकर संघ परिवार नरेश अग्रवाल के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में भारी संख्या में शिकायत दर्ज करवाने की कवायद में जुटा है। परिवार की मंशा कानूनी कार्रवाई के जरिए हिन्दू धर्म के खिलाफ बोलने वाले नरेश अग्रवाल को सबक सिखाने की है।

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इस प्रयास में यूपी के शीर्ष संघ अधिकारियों ने अपने सभी स्वयंसेवकों को निर्देश दिए हैं कि वे अग्रवाल के खिलाफ वे धार्मिक भावना भडकाने के मामले की शिकायत दर्ज करवाएं। शिकायत दर्ज कराने का प्रारूप बकायदा तैयारी करके सोशल मीडिया समूह के जरिए यूपी की सभी प्रमुख संघ शाखाओं तक पहुंचाया गया है। स्वयंसेवकों से आग्रह किया गया है कि वे थानों में जाकर अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज करवाएं। 
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मुश्किल है अग्रवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई 
थानों में नरेश अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कराकर संघ बेशक उन पर दबाव बनाने की कोशिश में है। मगर अग्रवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई मुश्किल नजर आ रही है। दरअसल हिन्दू देवताओं के खिलाफ बयान देने में नरेश अग्रवाल ने बेहद सावधानी बरती है। उन्होंने यह बयान संसद के भीतर दिया है। इसलिए उन पर मामला दर्ज नहीं हो सकता है।
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सांसदों को इस बात का अधिकार प्राप्त है कि संसद में जो वह बयान देंगे उनपर बाहर मामला नहीं बन सकता है। उनके गलत बयानी पर संसद या सभापति निर्णय लेते हैं। अग्रवाल के बयान के बाद संसद में कड़ा रूख दिखाते हुए खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि यदि नरेश अग्रवाल ने यह बयान संसद के बाहर दिया होता तो उनके खिलाफ मामला दर्ज हो जाता। 

दुलारे अग्रवाल पर क्यों आग बबूला है भगवा परिवार 

after communal statement, naresh agarwal become at RSS target
नरेश अग्रवाल - फोटो : SELF

नरेश अग्रवाल एक समय संघ-भाजपा के दुलारे रहे हैं। वर्ष 1997 और 1998 में जब कल्याण सिंह की सरकार संकट में फंसी थी तो अग्रवाल ने 21 विधायकों के साथ सरकार को समर्थन प्रदान कर भाजपा को संकट से उबारा था। बीते दिनों जब अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के बीच सपा में वर्चस्व की जब जंग चल रही थी। तब भी भाजपा की नजर अग्रवाल पर थी।

वे लगातार भाजपा नेताओं के संपर्क में थे। बल्कि उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं। यही नहीं वित्त मंत्री अरूण जेटली से लेकर भाजपा संगठन महामंत्री राम लाल तक से अग्रवाल के रिश्ते बेहद सुगम हैं। बावजूद उसके भगवा परिवार उनके खिलाफ हमलावर है।

दरअसल अग्रवाल ने बीते बुधवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान भगवान विष्णु, भगवान श्री राम, माता जानकी और महावीर हनुमान का नाम लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। अग्रवाल ने कहा कि "व्हिस्की में विष्णु बसे, रम में श्रीराम, जिन में माता जानकी और ठर्रे में हनुमान." इस बयान के बाद से संसद में भाजपा सांसदों ने अग्रवाल पर हमला बोला ही। पूरे भगवा ब्रिगेड ने सोशल मीडिया पर अग्रवाल के बयान को लेकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अब संघ अपने स्वयंसेवकों के जरिए थानों में शिकायत दर्ज करवारक अग्रवाल पर दबाव बनाने का दांव चल रहा है।

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