{"_id":"5b6c98564f1c1bb9478b468b","slug":"after-cabinet-approves-amended-today-triple-talaq-bill-will-be-presented-in-rajya-sabha","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाक मामले में आरोपी ले सकेगा जमानत, संशोधन के साथ आज राज्यसभा में पेश होगा बिल ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तीन तलाक मामले में आरोपी ले सकेगा जमानत, संशोधन के साथ आज राज्यसभा में पेश होगा बिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैबिनेट ने एक साथ तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत संबंधी बिल में विपक्ष की मांग मानते हुए उस संशोधन की मंजूरी दे दी है जिसके तहत आरोपी जमानत के हकदार होंगे। अब इस बिल के कानून बनने के बाद तीन तलाक का आरोपी मजिस्ट्रेट से जमानत ले सकता है।
विज्ञापन
हालांकि एक साथ तीन तलाक गैर जमानती अपराध की श्रेणी में ही रहेगा। बिल में आरोपी को अपराध साबित हो जाने के बाद तीन सील की सजा का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को राज्यसभा में संशोधन के साथ तीन तलाक बिल पेश किया जाएगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने आज राज्यसभा में अपने सांसदों की उपस्थिति को लेकर व्हिप जारी किया है। इसे देखते हुए शीतकालीन सत्र में इस बिल को संसद की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
उधर, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष से इस को पारित कराए जाने की अपील करते हुए कहा कि यदि सोनिया गांधी, मायावती और ममता बनर्जी लैंगिक समानता चाहती हैं तो उन्हें बिल का विरोध नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि तीन तलाक से संबंधित मुसलिम महिला विवाह संरक्षण बिल लोकसभा से पास हो चुका है। यह बिल एनडीए की अल्पमत वाली राज्यसभा में अंटका हुआ है। विपक्ष शुरु से आरोपी के जमानत के प्रावधान नहीं होने के मसले पर इस बिल का विरोध कर रहा है। सरकार ने यह संशोधन मान कर तीन तलाक पर विपक्ष के विरोधी तेवर की हवा निकाल दी है। अब इस बिल को राज्यसभा में पास होने के बाद एक बार फिर लोकसभा की हरी झंडी लेनी होगी।
बिल के मौजूदा प्रावधान के मुताबिक एक बार में तीन तलाक बोल कर वैवाहिक बंधन से अलग की जाने वाली मुसलिम महिला अपने और नाबालिग बच्चे केलिए मुआवजे की हकदार होंगी। साथ ही नाबालिग बच्चे को रखने का हक भी महिला का होगा। हालांकि इसपर अंतिम फैसला मजिस्ट्रेट करेगा।