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Social Media : ब्रिटिश साम्राज्ञी की मौत के बाद टि्वटर पर कोहिनूर की वापसी की मांग शुरू

Sat, 10 Sep 2022 05:42 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 10 Sep 2022 05:42 AM IST
सार

कोहिनूर के मसले पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कह चुकी है कि करीब 20 करोड़ डॉलर की कीमत वाला हीरा न, तो जबरन छीना गया, न चुराया गया, बल्कि सिख रियासत की तरफ से एक संधि के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी को दिया गया था।

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After British Queen death the demand for Kohinoor return started on Twitter
कोहिनूर हीरा - फोटो : Reuters

विस्तार

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत के साथ ही भारत में ट्विटर पर कोहिनूर हीरे की वापसी मांग फिर से तेज हो गई है। ट्विटर पर तमाम यूजर तरह-तरह से कोहिनूर को भारत लौटाने की मांग कर रहे हैं। एलिजाबेथ के बेटे प्रिंस चार्ल्स की ताजपोशी के साथ ही 105 कैरेट का बेशकीमती कोहिनूर हीरा ताज के साथ उनकी पत्नी कैमिला के सिर पर सजेगा।

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ट्विटर पर कोई बेहद गंभीरता के साथ हीरे की वापसी के लिए तर्क दे रहा है, तो कोई हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ले रहा है। एक ट्विटर यूजर ने धूम-2 फिल्म की क्लिप पोस्ट कर लिखा, ऋतिक रोशन कोहिनूर भारत वापस लाने के लिए निकल चुके हैं।  
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वहीं, गोमती नाम के यूजर ने लिखा, क्या अब हम हमारा कोहिनूर वापस ले सकते हैं? आशीष राज ने लिखा, दुख की बात है, रानी नहीं रहीं। क्या अब हम कोहिनूर वापस मिलने की उम्मीद कर सकते हैं? वैसे भी कोहिनूर छीना गया था, किसी ने इच्छा से नहीं दिया था। 
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केंद्र सरकार के मुताबिक छीना नहीं था
कोहिनूर के मसले पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कह चुकी है कि करीब 20 करोड़ डॉलर की कीमत वाला हीरा न, तो जबरन छीना गया, न चुराया गया, बल्कि सिख रियासत की तरफ से एक संधि के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी को दिया गया था।

कोहिनूर की कहानी
'एन इरा ऑफ डार्कनेस' में शशि थरूर लिखते हैं कि एक समय करीब 158.6 ग्राम (793 कैरेट) का यह हीरा दुनिया का सबसे बड़ा हीरा था। यह गुंटूर की एक खान से निकला था। 13 सदी में यह काकतिया परिवार की विरासत हुआ करता था, जिसे बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने लूटा, इस तरह यह मुगल साम्राज्य का हिस्सा बना। 


फारसी लुटेरे नादिर शाह के साथ यह अफगानिस्तान पहुंचा। नादिर शाह ने ही इसे कोहिनूर (रोशनी का पहाड़ ) नाम दिया। आखिर में लाहौर की सिख रियासत के ब्रिटिश सेना से हारने पर यह हीरा इंग्लैंड चला गया।

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