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Afghanistan: 'भारत करीबी दोस्त, इसके खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देंगे', अफगान विदेश मंत्री का बयान
Fri, 10 Oct 2025 01:48 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:48 PM IST
सार
अफगानी विदेश मंत्री ने कहा कि 'जब अफगानिस्तान में हाल ही में भूकंप आया तो सबसे पहले मदद भेजने वाला देश भारत ही था। अफगानिस्तान भारत को एक करीबी मित्र राष्ट्र के तौर पर देखता है।'
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भारत अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भारतीय समकक्ष डॉ. जयशंकर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत को अफगानिस्तान का करीबी दोस्त देश बताया और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की मांग की।
भारत, अफगानिस्तान का करीबी दोस्त
मुत्तकी ने कहा कि 'दिल्ली आकर अच्छा लग रहा है और यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर करेगा। भारत और अफगानिस्तान को संपर्क बढ़ाना चाहिए।' मुत्तकी ने कहा कि 'अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी अन्य देश के खिलाफ नहीं होने देगा।' अफगानी विदेश मंत्री ने कहा कि 'जब अफगानिस्तान में हाल ही में भूकंप आया तो सबसे पहले मदद भेजने वाला देश भारत ही था। अफगानिस्तान भारत को एक करीबी मित्र राष्ट्र के तौर पर देखता है। अफगानिस्तान भारत के साथ आपसी सम्मान पर आधारित रिश्तें चाहता है, जिसमें व्यापारिक और लोगों के लोगों से संबंध रहें। हम एक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए तैयार हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्तें मजबूत हो सकें।'
अफगानिस्तान में खनन करेंगी भारतीय कंपनियां
बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि 'अफगानिस्तान सरकार द्वारा भारतीय कंपनियों को अफगानिस्तान में खनन के लिए आमंत्रित करने का हम स्वागत करते हैं। इस बार आगे चर्चा की जाएगी। व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के हमारे साझे हित हैं। काबुल और नई दिल्ली के बीच उड़ान सेवाएं बढ़ाने का एलान करते हुए हमें खुशी हो रही है।'
'आतंकवाद से निपटने के समन्वित प्रयास करने होंगे'
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'विकास और समृद्धि के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता है। हालांकि, दोनों देशों द्वारा सीमापार आतंकवाद के साझा खतरों का सामना किया जा रहा है। हमें आतंकवाद से निपटने के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे। भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति आपकी संवेदनशीलता की हम सराहना करते हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद हमारे साथ आपकी एकजुटता उल्लेखनीय थी।'
ये भी पढ़ें- India Israel Relations: PM मोदी के लिए नेतन्याहू ने रोकी सुरक्षा कैबिनेट की बैठक; इन मुद्दों को लेकर हुई बात
काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को मिला दूतावास का दर्जा
भारत ने अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए काबुल स्थित भारतीय तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा दे दिया। इसके साथ ही भारत ने आधिकारिक रूप से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने का एलान किया। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, 'भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत-अफगानिस्तान के करीबी संबंध, अफगानिस्तान के विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी हैं। इसे और मजबूत करने के लिए, मुझे आज काबुल स्थित भारत के तकनीकी मिशन को भारतीय दूतावास के स्तर पर उन्नत करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।'
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी 9 अक्तूबर को भारत दौरे पर पहुंचे और उनका ये दौरा 16 अक्तूबर तक चलेगा। अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के काबिज होने के बाद यह काबुल से नई दिल्ली आने वाला पहला शीर्ष प्रतिनिधिमंडल है।
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भारत, अफगानिस्तान का करीबी दोस्त
मुत्तकी ने कहा कि 'दिल्ली आकर अच्छा लग रहा है और यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर करेगा। भारत और अफगानिस्तान को संपर्क बढ़ाना चाहिए।' मुत्तकी ने कहा कि 'अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी अन्य देश के खिलाफ नहीं होने देगा।' अफगानी विदेश मंत्री ने कहा कि 'जब अफगानिस्तान में हाल ही में भूकंप आया तो सबसे पहले मदद भेजने वाला देश भारत ही था। अफगानिस्तान भारत को एक करीबी मित्र राष्ट्र के तौर पर देखता है। अफगानिस्तान भारत के साथ आपसी सम्मान पर आधारित रिश्तें चाहता है, जिसमें व्यापारिक और लोगों के लोगों से संबंध रहें। हम एक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए तैयार हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्तें मजबूत हो सकें।'
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#WATCH | Delhi | Afghan FM Muttaqi says, "I am happy to be in Delhi, and this visit will increase the understanding between the two countries. India and Afghanistan should increase their engagements and exchanges...We will not allow any group to use our territory against others." pic.twitter.com/xhKmq40XR3
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 10, 2025
अफगानिस्तान में खनन करेंगी भारतीय कंपनियां
बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि 'अफगानिस्तान सरकार द्वारा भारतीय कंपनियों को अफगानिस्तान में खनन के लिए आमंत्रित करने का हम स्वागत करते हैं। इस बार आगे चर्चा की जाएगी। व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के हमारे साझे हित हैं। काबुल और नई दिल्ली के बीच उड़ान सेवाएं बढ़ाने का एलान करते हुए हमें खुशी हो रही है।'
'आतंकवाद से निपटने के समन्वित प्रयास करने होंगे'
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'विकास और समृद्धि के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता है। हालांकि, दोनों देशों द्वारा सीमापार आतंकवाद के साझा खतरों का सामना किया जा रहा है। हमें आतंकवाद से निपटने के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे। भारत की सुरक्षा चिंताओं के प्रति आपकी संवेदनशीलता की हम सराहना करते हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद हमारे साथ आपकी एकजुटता उल्लेखनीय थी।'
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काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को मिला दूतावास का दर्जा
भारत ने अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए काबुल स्थित भारतीय तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा दे दिया। इसके साथ ही भारत ने आधिकारिक रूप से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने का एलान किया। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, 'भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत-अफगानिस्तान के करीबी संबंध, अफगानिस्तान के विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी हैं। इसे और मजबूत करने के लिए, मुझे आज काबुल स्थित भारत के तकनीकी मिशन को भारतीय दूतावास के स्तर पर उन्नत करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।'
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी 9 अक्तूबर को भारत दौरे पर पहुंचे और उनका ये दौरा 16 अक्तूबर तक चलेगा। अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के काबिज होने के बाद यह काबुल से नई दिल्ली आने वाला पहला शीर्ष प्रतिनिधिमंडल है।
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