MP Election: करोड़पति विधायक 81 फीसदी, विधानसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी 9%; जानें किस पार्टी में कितने दागी
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के एलान के बाद राज्य में चुनावी सरगर्मी जोरों पर है। तमाम सियासी दल चुनाव प्रचार में जोर आजमाइश लगा रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को राज्य की विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने घोषणापत्र भी जारी कर दिया। वहीं, दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस ने राज्य में क्रमश: 136 और 144 उम्मीदवारों के नाम भी घोषित कर दिए हैं।
इस बीच एडीआर ने मौजूदा विधायकों का लेखा जोखा प्रकाशित किया। इसमें 230 सदस्यों वाली विधानसभा के सभी विधायकों के बारे में जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रदेश के 81 फीसदी विधायक ऐसे हैं जिनकी सम्पत्ति एक करोड़ से ज्यादा है।
यह विश्लेषण 2018 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए उप-चुनावों से पहले उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए हलफनामों पर आधारित है। कई विधायक ऐसे हैं जिन्होंने 2018 का चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक दल बदल लिया।
इनमें कौन से विधायक सबसे अमीर हैं? कौन सबसे गरीब हैं? कितने करोड़पति हैं? कितने विधायकों पर आपराधिक मामले हैं? इन सबकी जानकारी है। आइये जानते हैं…
मौजूदा समय में मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 विधायकों में 186 यानी की 81 फीसदी विधायक करोड़पति हैं। औसतन हर विधायक की संपत्ति 10.76 करोड़ रुपये है।
भाजपा के 129 विधायकों की औसत संपत्ति 9.86 करोड़ रुपये, कांग्रेस के 97 विधायकों की औसत संपत्ति 11.98 करोड़ रुपये और 01 बसपा विधायक की संपत्ति 96.95 लाख है। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायकों की औसत संपत्ति 11.98 करोड़ है।
किन विधायकों की संपत्ति सबसे अधिक?
संजय पाठक: कटनी जिले के विजराघोगढ़ निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक के संजय पाठक मौजूदा विधायकों में सबसे अमीर हैं। 2018 में उनकी कुल संपत्ति 226 करोड़ थी। इसमें 141 करोड़ से भी ज्यादा चल और 84 करोड़ से भी ज्यादा की अचल संपत्ति शामिल है।
चैतन्य कश्यप: भाजपा के चैतन्य कश्यप रतलाम जिले की रतलाम शहर सीट से विधायक हैं। सबसे अमीर विधायकों की सूची में चैतन्य दूसरे नंबर पर हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उनकी कुल संपत्ति 204 करोड़ थी। इसमें 71 करोड़ से भी अधिक की चल और 197 करोड़ से अधिक अचल संपत्ति है।
संजय शुक्ला: कांग्रेस के संजय शुक्ला इंदौर-1 निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हैं। मौजूदा विधायकों में संजय शुक्ला सबसे अमीर विधायकों में तीसरे नंबर पर हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उनकी कुल संपत्ति 139 करोड़ थी। इसमें 49 करोड़ से भी अधिक की चल और 90 करोड़ से भी अधिक की अचल संपत्ति शामिल है।
किन विधायकों की संपत्ति सबसे कम है?
राम डोंगरे: भाजपा के राम डोंगरे खंडवा जिले के पंधाना निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हैं। उनके पास कुल 50,749 रुपये की संपत्ति है। मौजूदा विधायकों में डोंगरे सबसे कम संपत्ति वाले विधायक हैं। डोंगरे के पास 50,749 की चल संपत्ति है। उनके नाम पर कोई भी अचल संपत्ति नहीं है।
ऊषा ठाकुर: सबसे कम संपत्ति वाले विधायकों में भाजपा की ऊषा ठाकुर दूसरे नंबर पर हैं। इंदौर की महू सीट से जीतीं ऊषा ने अपनी कुल संपत्ति सात लाख से ज्यादा बताई है। शिवराज सरकार में मंत्री ऊषा के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति चल संपत्ति में ही है।
शरद: सबसे कम संपत्ति के मामले में तीसरे नंबर पर भाजपा के शरद हैं। शरद शहडोल जिले के ब्योहारी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। उनकी कुल संपत्ति आठ लाख से ज्यादा है। इसमें उनके नाम पर कुल 8,40,000 की चल संपत्ति ही है जबकि उनके नाम कोई भी अचल संपत्ति नहीं है।
कितने पढ़े-लिखे हैं मध्य प्रदेश के विधायक?
मध्य प्रदेश विधानसभा के मौजूदा विधायकों में 62 यानी 33 फीसदी पांचवीं से बारहवीं कक्षा तक पढ़े-लिखे हैं। 158 विधायकों (64 फीसदी) ने स्नातक या उससे अधिक की पढ़ाई की है। चार विधायक डिप्लोमा धारी है। पांच विधायकों ने खुद को साक्षर बताया है। इनके अलावा एक विधायक ने अपने आप को निरक्षर बताया है।
कितने उम्रदराज है मध्य प्रदेश के विधायक?
कुल विधायकों में 96 यानी 42 फीसदी की उम्र 25 से 50 के बीच है। वहीं, 134 यानी की 58 फीसदी की उम्र 51 से 80 के बीच है। कुल 230 विधायकों में 20 यानी की नौ फीसदी महिला विधायक हैं।
वर्तमान विधानसभा में कितने दागी हैं?
मौजूदा विधायकों में से 40 फीसदी यानी 93 दागी हैं। इनमें से 47 यानी 20 फीसदी विधायकों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले बताए हैं। इनमें से एक विधायक ने अपने ऊपर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होने की जानकारी दी है। पार्टीवार बात करें तो भाजपा के 39 विधायक (30 फीसदी) जबकि कांग्रेस के 52 विधायक (54 फीसदी) दागी हैं। बसपा के एकलौते विधायक ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। तीन में से एक निर्दलीय विधायक भी दागी हैं।