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अधीर रंजन बोले- हां मैं हूं पाकिस्तानी, आपको जो करना है वह कर सकते हैं
Thu, 16 Jan 2020 12:40 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बशीरहाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बशीरहाट
Published by: Sneha Baluni
Updated Thu, 16 Jan 2020 12:40 PM IST
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अधीर रंजन चौधरी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग चल रही है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बीते दिनों जो बयान दिया था उसपर जारी बवाल खत्म भी नहीं हुआ था कि उन्होंने दूसरा बयान दे दिया है। पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में कांग्रेस की एक जनसभा में चौधरी ने कहा कि हां मैं पाकिस्तानी हूं। तुम लोगों (मोदी-शाह) को जो करना है कर लो।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, 'मुझे पाकिस्तानी कहकर बुलाया जाता है। मैं आज कहना चाहता हूं कि हां मैं पाकिस्तानी हूं। आपको जो करना है वो कर लो। यहां पर हां को हां बोलना खतरे से खाली नहीं है। दिल्ली में बैठे लोग जो कहेंगे हमें मान लेना होगा वरना हम देशद्रोही बन जाएंगे।'
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चौधरी ने आगे कहा, 'आज हम कहां रह रहे हैं? हमें वही करने को कहा जाता है जो नरेंद्र मोदी और अमित शाह कहते हैं। ये हमें स्वीकार्य नहीं है। यह देश नरेंद्र मोदी, अमित शाह के पिताजी की खेती नहीं है। हिंदुस्तान किसी के बाप की संपत्ति नहीं है। यह बात उन दोनों को समझनी चाहिए। वो आज हैं कल नहीं रहेंगे।'
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इससे पहले उन्होंने आतंकियों के साथ पकड़ गए डीएसपी देविंदर सिंह को लेकर बयान दिया था। कांग्रेस नेता ने कहा था कि यदि देविंद सिंह नहीं देविंदर खान होते को आरएसएस की ट्रोल आर्मी इस मसले को अभी तक काफी उछाल देती। उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस ने खुद को उनके इस बयान से अलग कर दिया था।
चौधरी ने ट्वीट करके कहा था, अगर देविंदर सिंह नहीं देविंदर खान होते तो आरएसएस की ट्रोल आर्मी की प्रतिक्रिया कहीं ज्यादा तीखी और मुखर होती। देश के दुश्मनों की धर्म, आस्था या रंग देखे बिना निंदा की जानी चाहिए। घाटी की जो कमजोर कड़ी है, वह हमारे लिए बेहद चिंताजनक ढंग से उजागर हो गई है और हमें सामने की चौकसी करते हुए पीछे से आंखें मूंदना महंगा पड़ेगा। अब निश्चित तौर पर यह सवाल उठेगा कि पुलवामा के खौफनाक हादसे के पीछे के असली मुजरिम कौन थे- इसे नए सिरे से देखने की जरूरत है।