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Fake News: फेक न्यूज को लेकर सरकार हुई सख्त, फैक्ट चेकर की बात नहीं मानी तो इंटरनेट कंपनियों पर होगी कार्रवाई

Fri, 07 Apr 2023 02:17 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 07 Apr 2023 02:17 AM IST
सार

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को कहा कि अगर इंटरनेट कंपनियां फैक्ट चेकर द्वारा जांच की गई गलत या भ्रामक जानकारी को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने में विफल रहती है तो वह विशेषाधिकारी खो सकती हैं और उस पर कार्रवाई की जाएगी।

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Action will be taken against Internet companies if the content marked by the fact checker is not removed
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फेक न्यूज कितनी घातक हो सकती है इसका उदाहरण हमने पिछले कुछ सालों में देखा है। इसको लेकर सरकार भी काफी सजग है, सरकार ने फेक न्यूज से निपटने के लिए गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी इंटरनेट कंपनियों को भी आदेश जारी किए। देश में कई फैक्ट चेकर ने फेक न्यूज को फैलने से रोका। वहीं अब इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को कहा कि अगर इंटरनेट कंपनियां फैक्ट चेकर द्वारा जांच की गई गलत या भ्रामक जानकारी को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने में विफल रहती है तो वह विशेषाधिकारी खो सकती हैं और उस पर कार्रवाई की जाएगी।

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फेक न्यूज से निपटने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त संगठन को सरकार से संबंधित किसी भी झूठी या भ्रामक सामग्री की पहचान करने के लिए अनिवार्य किया गया है। वहीं, राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि गलत सूचना के बारे में आईटी नियमों में प्रावधान है कि भारत सरकार एक संगठन को सूचित करेगी और वह संगठन सभी बिचौलियों के लिए सरकार से संबंधित सामग्री का एक फैक्ट चेकर होगा।
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उन्होंने कहा कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे गूगल, फेसबुक, ट्विटर और इंटरनेट सेवा प्रदाता आदि एक मध्यस्थ के दायरे में आते हैं। सेफ हार्बर कानून बिचौलियों को उनके उपयोगकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन पोस्ट की गई किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के लिए कानूनी कार्रवाई से बचाता है।
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चंद्रशेखर ने कहा कि आईटी मंत्रालय एक इकाई को सूचित करेगा जो सरकार से संबंधित ऑनलाइन पोस्ट की गई झूठी सूचनाओं को चिह्नित करेगी। आईटी नियम 2021 के तहत गाइडलाइंस जारी करते हुए मंत्री ने कहा कि फैक्ट चेक पर काम अभी जारी है। 

चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार ने एमईआईटीवाई के माध्यम से एक इकाई को अधिसूचित करने का फैसला किया है और वह संगठन तब ऑनलाइन सामग्री के सभी पहलुओं और केवल उन सामग्री के लिए तथ्य जांचकर्ता होगा जो सरकार से संबंधित हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि तथ्य-जांच के बारे में "क्या करें और क्या न करें" को अधिसूचित करने से पहले साझा किया जाएगा।


आगे उन्होंने कहा कि इस बात की संभावना है कि यह एक पीआईबी तथ्य जांच इकाई होगी जिसे अधिसूचित किया जाएगा। हमने पीआईबी तथ्य जांच को नियम के तहत स्पष्ट रूप से नहीं कहा है, इसका कारण यह है कि इसे आईटी नियम के तहत अधिसूचित नहीं किया गया है। बिचौलियों ने सरकार से एक फैक्ट चेकर को सूचित करने के लिए कहा है, जिस पर वे झूठी सूचनाओं के बारे में भरोसा कर सकें।

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