Maharashtra: फडणवीस का पीए बताकर 15 लाख रुपये ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार, रोचक है जुर्म का पूरा किस्सा
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मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक ने खुद को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का निजी सहायक बताया। दोनों लोगों ने मिलकर कथित तौर पर कपड़ा धुलने वाले एक व्यक्ति से 15 लाख की धोखाधड़ी की है। आरोपियों की पहचान फर्जी पीए किरण पाटिल और सुहास महादिक के रूप में हुई है।
यह है पूरा मामला
पुलिस के एक अधिकारी ने एफआईआर के हवाले से बताया कि पीड़ित का नाम मल्लेश कल्लूरी है। उसे पता चला कि उसका कार्यस्थल धोबीघाट स्लम पुनर्वास प्रधिकरण योजना के तहत पुनर्विकास के लिए जाएगा। इस बीच किसी ने उसे बताया कि धोबीघाट रेजिडेंट्स सोसाइटी के अध्यक्ष ने रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन देकर कल्लूरी को पात्र व्यक्तियों की सूची से आयोग्य घोषित करने की मांग की है। इसी बात से परेशान कल्लूरी ने अपने परिचित सुहास महादिक से संपर्क किया और उससे मदद मांगी।
35 लाख रुपये की मांग की
महादिक ने कल्लूरी को बताया कि वह फडणवीस के आधिकारिक निवास सागर बंगले में एक व्यक्ति को जानता है, जो डिप्टी सीएम का पीए है। महादिक की बातों पर भरोसा करके कल्लूरी ने व्हाट्सएप पर अपने दस्तावेज भी भेज दिए। महादिक ने कल्लूरी को आश्वास्त किया कि उनका काम हो जाएगा लेकिन उन्हें इसके एवज में 35 लाख रुपये देने होंगे। महादिक ने पिछले सप्ताह कल्लूरी को विधान भवन के पास बुलाया था और पाटिल से मिलवाया था, पाटिल ने गले में नीले फित्ते वाला एक आई-कार्ड भी पहना था, जिस पर महाराष्ट्र सरकार लिखा हुआ था।
दो घंटे का बोलकर पीए ने बंद कर दिया नंबर
अगले दिन, कल्लूरी ने महादिक से कहा कि उनके समाज के लोग केवल 10 से 12 लाख रुपये का भुगतान कर सकते हैं। महादिक ने उनसे कहा कि वह पाटिल से बात करने के बाद ही इस पर कुछ बोल सकता है। उन्होंने कल्लूरी को दोबारा विधान भवन के पास मिलने के लिए बुलाया। इन सबके बीच एक दिन कल्लूरी ने अपने सोसायटी के कुछ लोगों के साथ एयर इंडिया बिल्डिंग के पास महादिक को 15 लाख रुपये सौंप दिए। इस दौरान पाटिल भी आया और वह महादिक से पैसे लेकर निकल गया। पाटिल ने कल्लूरी से कहा कि दो घंटे के भीतर काम हो जाएगा। काफी इंतजार के बाद पाटिल को फोन किया तो उसने कहा कि काम शुरू हो गया है। इसके बाद उसका नंबर बंद आने लगा।
पुणे से गिरफ्तार हुआ पाटिल
अधिकारी ने आगे बताया कि कल्लूरी ने खुद को ठगा महसूस किया। महादिक के साथ वह अगले दिन सीधे सागर बंगला पहुंचा। यहां उसने पाटिल के बारे में पूछा लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अंत में कल्लूरी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ठाणे के टिटवाला से पाटिल को ढूंढ निकाला। पूछताछ में पाटिल ने कहा कि इस पूरे साजिश में महादिक भी शामिल था। पुलिस ने महादिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है।