#नोटबंदी का 19वां दिन: 14.5 लाख करोड़ रद्दी, छापे सिर्फ 1.5 लाख करोड़
देश में करोड़ों लोग नोटबंदी की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं सरकार दावा कर रही है कि बैंकों में पर्याप्त पैसा है, लेकिन इस वक्त एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो किसी को भी हैरान कर सकती है।
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक क्रेडिट सुइस रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अब तक महज 1.5 लाख करोड़ रुपये के नोट छापे हैं। वहीं देश में 14.5 लाख करोड़ रुपये की करेंसी रद्दी हो चुकी है।
25 नवंबर को आई इस रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने जो नई करेंसी छापी है उसमें ज्यादातर नोट 2000 के हैं। वहीं 1.5 लाख करोड़ रूपये की करेंसी के साथ 2.2 लाख करोड़ रुपये की करेंसी भी चलन में है। रिपोर्ट में ये बताया गया है कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद 2,203 करोड़ नोट कागज के टुकड़े हो गए। रिपोर्ट साफ तौर पर कहती है कि ट्रांजेक्शन फ्लो को सही करने के लिए आरबीआई को अभी जल्दी ही 1,000 से 2,000 करोड़ नोट छापने की और जरूरत है।
जनवरी 2017 तक पहुंचेगी महज 67 फीसदी करेंसी
आपको बता दें कि इससे पहले आरबीआई ने भी कहा था कि 10 से 18 नवंबर के बीच 1.03 लाख करोड़ रुपये लोगों तक पहुंचा दिए गए है। साथ ही 14.8 करोड़ रुपये की करेंसी में सें 6 लाख करोड़ की करेंसी बैंकों में जमा हो गई।
रिपोर्ट में एक हफ्ते के आंकड़ों का विश्लेषण कर कहा गया है कि आरबीआई रोजाना 500 रुपये के 4 से 5 करोड़ नोट छाप रहा है। इन आंकड़ों के हिसाब से जनवरी 2017 तक पुरानी करेंसी का 67 फीसदी पैसा ही चलन में वापस आ पाएगा।
दुनियाभर में भारत के नोटबंदी के फैसले पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।