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Hindi News ›   India News ›   According Agriculture and Farmers Welfare Ministry sowing in more than 1104 lakh hectares this Kharif season

आंकड़े: इस बार 1104.63 लाख हेक्टेयर में हुई खरीफ बुवाई; मक्का-धान, श्रीअन्न और तिलहन-दलहन की बढ़त जारी

Tue, 24 Sep 2024 01:48 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 24 Sep 2024 01:48 AM IST
सार

आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश में खरीफ सीजन 2024-25 में 1104.63 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन 2023-24 में यह आंकड़ा 1088.26 लाख हेक्टेयर था। इस क्रम में 23 सितंबर तक सबसे अधिक बुवाई धान की हुई है। 

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According Agriculture and Farmers Welfare Ministry sowing in more than 1104 lakh hectares this Kharif season
धान की फसल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 23 सितंबर 2024 तक के बुवाई के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक इस बार जहां श्रीअन्न की बुवाई पिछले रिकॉर्ड तोड़ते हुए दिख रही है। वहीं धान और दलहन की बुवाई ने अपनी बढ़त को बनाए रखा है। 

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आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश में खरीफ सीजन 2024-25 में 1104.63 लाख हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है। पिछले खरीफ सीजन 2023-24 में यह आंकड़ा 1088.26 लाख हेक्टेयर था। इस क्रम में 23
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सितंबर तक सबसे अधिक बुवाई धान की हुई है। यह 2024-25 में 413.50 लाख हेक्टेयर है, जबकि यह 2023-24 में 404.50 लाख हेक्टेयर ही थी। इस बार अब तक 9 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्रफल में धान की बुवाई हो चुकी है।
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इस क्रम में दलहनों की बात करें तो 2024-25 खरीफ सीजन में 128.58 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो गई है। वहीं, श्रीअन्न में यह बाजी मक्के के नाम रही। इसमें सबसे अधिक बुवाई मक्के की हुई है। पिछली बार यह खरीफ सीजन 2023-24 में 84.65 लाख हेक्टेयर में बोया गया था, जबकि इस बार यह 88.6 लाख हेक्टेयर में बोया गया है। जबकि पिछली बार यानी खरीफ सीजन 2023-24 तक यह 119. 28 लाख हेक्टेयर ही था। वहीं, श्री अन्न का रकबा खरीफ सीजन 2024-25 में 192.55 लाख हेक्टेयर को पार करता दिख रहा है, जबकि पिछली बार यह 186.07 लाख हेक्टेयर ही था। 

बारिश और सरकार के प्रयासों से तिलहनों की बुवाई में भी इजाफा
झमाझम बारिश और सरकार के प्रयासों से तिलहनों की बुवाई में भी खासा इजाफा हुआ है। इस बार कुल तिलहनों की बुवाई 193.84 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछली बार यह 190.92 लाख हेक्टेयर ही थी। इस तरह से बुवाई के आंकड़े साफ तौर पर संकेत कर रहे हैं कि अच्छे मानसून ने अन्नदाता की बुवाई में तो इजाफा किया है, रिकॉर्ड उत्पादन के भी संकेत दिए हैं। क्योंकि इस क्रम में अगर देखा जाए तो दलहनों में अरहर दाल का रकबा खरीफ सीजन 2023-24 को 40.74 लाख हेक्टेयर था, जो खरीफ सीजन 2024-25 में 46.50 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं, उड़द बीन का रकबा जरूर थोड़ा घटा है, यह पिछली बार के 32.60 लाख हेक्टेयर से घटकर 30.73 लाख हेक्टेयर हो गया है। मूंग दाल का रकबा बढ़ गया है। यह पिछले सीजन के 31.49 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 35.46 लाख हेक्टेयर हो गया है।

अन्य दालों के रकबे की बात करें तो इसमें भी इजाफा हुआ है, यह पिछली बार के 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.80 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं, श्री अन्न की बात करें तो इसके तहत ज्वार के रकबे में बढ़ोतरी हुई है। यह खरीफ सीजन 2023-24 में 14.29 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 16.13 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि बाजरा के रकबे में थोड़ी कमी आई है, यह पिछली बार के 70.94 लाख हेक्टेयर से घटकर 59.51 लाख हेक्टेयर ही रह गया है। 

रागी के रकबे में भी हुई बढ़ोतरी, 12.46 लाख हेक्टेयर में हुई बुवाई
रागी के रकबे में बढ़ोतरी हुई है। यह पिछली बार 10.50 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 12.46 लाख हेक्टेयर हो गया है। छोटा बाजरा 5.69 लाख से बढ़कर 5.98 लाख हेक्टेयर हो गया है। तिलहनों की बात करें तो मूंगफली का रकबा पिछली बार 43.75 लाख हेक्टेयर था, जो कि इस बार 47.85 लाख है। सोयाबीन का रकबा खासा बढ़ गया है। यह 123.85 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 125.11 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसी क्रम में सूरजमुखी के रकबे में भी 0.73 लाख से 0.76 लाख हेक्टेयर तक की बढ़ोतरी हुई है।


गन्ने की बुवाई 57.11 लाख से बढ़कर 57.68 लाख हेक्टेयर पहुंची
खरीफ सीजन 2024-25 में गन्ना की बुवाई लगातार बढ़ रही है। यह पिछली बार की 57.11 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 57.68 लाख हेक्टेयर में हो गई है। जूट और मेस्टा के रकबे में कमी आई है। यह 6.67 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.74 लाख हेक्टेयर ही रह गया है। वहीं, कपास के रकबे में भी खासी कमी आई है। यह पिछले खरीफ सीजन 2023-24 में 123.71 लाख हेक्टेयर से घटकर खरीफ सीजन 2024-25 में केवल 112. 76 लाख हेक्टेयर ही रह गया है।

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