'एनडीए सरकार के गले की हड्डी बना अच्छे दिन का नारा'
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रसिद्ध नारा ‘अच्छे दिन’ मूल रूप से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिया था लेकिन आज की तारीख में यह नारा एनडीए सरकार के गले की हड्डी बन गया है। गडकरी ने कहा कि अच्छे दिन मानने से होते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रवासी भारतीयों का एक सम्मेलन हो रहा था उसमें मनमोहन सिंह ने कहा कि अच्छे दिन आएंगे। जब सिंह से पूछा गया था कि कब अच्छे दिन आएंगे तो उसके जवाब में उन्होंने कहा था कि भविष्य में।
इसके बाद मोदी ने भी किसी कार्यक्रम में यही बात कही और अब यह हमारी सरकार के गले की हड्डी बन गया है। मोदी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान इस नारे का खूब इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि अच्छे दिन कभी नहीं आते।
'इसकी व्याख्या विकास हो रहा है, के रूप में की जानी चाहिए'
अच्छे दिन के नारे गले में फंसी हड्डी है। पूर्व सांसद विजय दर्डा के सवाल पर मंत्री ने कहा कि हमने अच्छे दिन शब्द का इस्तेमाल किया और इसका शाब्दिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। इसकी व्याख्या विकास हो रहा है, के रूप में की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास साइकिल है और वह मोटर साइकिल चाहता है और वह मोटर साइकिल खरीद भी लेता है तो उसका अगला लक्ष्य कार होगा। इस तरह कोई भी व्यक्ति यह महसूस नहीं कर सकता कि अच्छे दिन आ गए हैं।