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मधु कोड़ा से कृपाशंकर सिंह की संपत्तियों का मिलान करने की तैयारी में एसीबी
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
Updated Mon, 06 Feb 2017 09:21 PM IST
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Madhu koda
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महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह के आय से अधिक संपत्ति मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की संपत्तियों के साथ मिलान करेगा। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सिंह की संपत्तियां मधु कोड़ा घोटाले से तो नहीं जुड़ी हुई हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील हितेन वेणेगावकर ने बांबे हाईकोर्ट को यह जानकारी देते हुए जांच के लिए समय मांगा है।आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुरे तरीके से फंसे कृपाशंकर सिंह का नाम मधु कोड़ा की डायरी में है। इतना ही नहीं, उनके पास एक से अधिक पैन कार्ड पाए गए हैं। इस मामले में आयकर विभाग के वकील ने कोर्ट में कहा कि हमने पैन कार्ड बनाने के लिए एनएसडीएल व यूटीआई को आउटसोर्सिंग ऐजेंसी के रूप में नियुक्त किया है। इसका मुख्यालय गाजियाबाद में है। इस मामले को देखने वाले आयकर विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक गाजियाबाद में हैं।
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अतिरिक्त महानिदेशक को जानकारी भेजने के लिए पत्र लिखा गया है जिसमें चार सप्ताह लगेगा। इसलिए मामले की सुनवाई को चार सप्ताह तक के लिए स्थगित किया जाए। न्यायमूर्ति आरवी मोरे व न्यायमूर्ति शालिनी फणसालकर जोशी की खंडपीठ ने आयकर विभाग के वकील की इन दलीलों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
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दूसरी ओर, सिंह के वकील राजीव चव्हाण ने कहा कि इस मामले में उनका भी पक्ष सुना जाए और एक आवेदन दायर करने की अनुमति दी जाए। तुलसीदास नायर नामक एक व्यक्ति ने कोर्ट में आवेदन दायर कर दावा किया है कि आयकर विभाग ने कृपाशंकर सिंह को चार पैन कार्ड जारी किए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता चव्हाण ने इसको लेकर तुलसीदास नायर की पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठाए। लेकिन, नायर की मांग है कि एसीबी ने
निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच नहीं की है, इसलिए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए।