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West Bengal: अभिषेक बनर्जी से लोगों ने की पंचायत प्रमुख की शिकायत, देना पड़ गया इस्तीफा
Sun, 04 Dec 2022 08:06 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 04 Dec 2022 08:06 PM IST
सार
टीएमसी सूत्रों ने कहा कि मरिसदा ग्राम पंचायत के दो अन्य पदाधिकारियों ने भी बनर्जी के कहने पर इस्तीफा दे दिया। हालांकि पंचायत प्रमुख ने रविवार को दावा किया कि बनर्जी को उनके प्रतिद्वंद्वियों ने गुमराह किया है।
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अभिषेक बनर्जी
- फोटो : facebook.com/AbhishekBanerjeeOfficial
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के फरमान के 48 घंटे के भीतर ही पुरबा मेदिनीपुर जिले की एक पंचायत प्रमुख को इस्तीफा देना पड़ गया। दरअसल हुआ ये कि शनिवार को जिले के कोंटाई में एक रैली संबोधित करने जाने के दौरान बनर्जी ने अचानक मारिसदा ग्राम पंचायत का चक्कर लगाया। इस दौरान कुछ लोगों ने उनसे पंचायत प्रमुख की शिकायत की फिर अभिषेक बनर्जी ने उनको इस्तीफा देने का निर्देश दे दिया।
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टीएमसी सूत्रों ने कहा कि मरिसदा ग्राम पंचायत के दो अन्य पदाधिकारियों ने भी बनर्जी के कहने पर इस्तीफा दे दिया। हालांकि पंचायत प्रमुख ने रविवार को दावा किया कि बनर्जी को उनके प्रतिद्वंद्वियों ने गुमराह किया है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ पीड़ित लोगों से बात करने के बाद अभिषेक बनर्जी ने ग्राम पंचायत की प्रधान झुमुरानी मंडल और उनके दो प्रतिनिधियों को गरीब अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के ग्रामीणों के साथ कथित भेदभाव के लिए 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का निर्देश दिया।
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अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुझे ग्रामीणों ने बताया कि उनके सिर पर छत भी नहीं है, और जब बारिश होती है, तो जमा हुआ पानी महीनों तक रहता है। उन्होंने प्रधान और उनके प्रतिनिधियों से शिकायत की थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद इस्तीफा का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर वे लोगों के लिए काम नहीं करते हैं तो पद रखने का कोई मतलब नहीं है।
इस्तीफा देने वाली ग्राम पंचायत की प्रधान झुमुरानी मंडल ने बताया कि यह मुझे फंसाने के लिए कुछ लोगों की साजिश थी। आगे कहा कि जो लोग सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें मैं पैसे कैसे आवंटित कर सकता हूं?" राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने बनर्जी के गुस्से को "छलावा" बताया।
बम विस्फोट की एनआईए जांच की मांग की
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर भूपतिनगर बम विस्फोट की एनआईए जांच की मांग की है।
टीएमसी ने केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभांगा शहर में एक रैली निकाली। इस रैली में उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा और अन्य लोगों ने भाग लिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों जॉन बारला और निशीथ प्रमाणिक को कैबिनेट से हटाने की मांग की क्योंकि उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में वारंट जारी किया गया था। टीएमसी ने भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए आयोजित रैलियों की श्रृंखला में से एक थी।
टीएमसी इससे पहले दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी में ऐसी रैलियां निकाल चुकी है। 2009 में अलीपुरद्वार शहर में एक आभूषण की दुकान में चोरी के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री प्रमाणिक के खिलाफ एक वारंट जारी किया गया था। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री बरला के खिलाफ 2019 में कथित रूप से चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर बाइक रैली निकालने के आरोप में वारंट जारी किया गया था।
टीएमसी सरकार को गिरने से नहीं बचा पाएंगे अभिषेक- भाजपा
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने रविवार को कहा कि न तो तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी और न ही पार्टी का कोई अन्य शीर्ष नेता राज्य में भ्रष्टाचार से दागी तृणमूल सरकार को गिरने से बचा सकता है।