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क्या है मुंबई का आरे कॉलोनी मामला, जहां पेड़ों को बचाने के लिए सड़क पर उतरे लोग

Sat, 05 Oct 2019 10:57 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 05 Oct 2019 10:57 AM IST
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Aarey forest live updates, aaditya thackeray supports Save Aarey Protest against Mumbai police
मुंबई के आरे में पेड़ बचाओ अभियान - फोटो : ANI

बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मुंबई के हरियाली भरे क्षेत्र आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाली सभी याचिकाएं खारिज करने के बाद शुक्रवार से पेड़ काटा जाना शुरू हो गया। मेट्रो विस्तार के लिए शुरू की गई पेड़ों की कटाई के विरोध में लोग 'चिपको आंदोलन' की तर्ज' पर आरे बचाओ' (सेव आरे) आंदोलन कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने खदेड़ दिया और इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।

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आरे कॉलोनी में पांच अक्तूबर सुबह तक मशीनों के जरिए करीब एक हजार पेड़ काटे जा चुके थे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और शिवसेना के गठबंधन एनडीए से वर्ली सीट के उम्मीदवार आदित्य ठाकरे 'सेव आरे' मुहिम के पक्ष में उतरे हैं। उन्होंने कहा है कि मेट्रो विस्तार के नाम पर पेड़ों को काटना शर्मनाक है। 
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आइए, जानते हैं आरे कॉलोनी विवाद के बारे में विस्तार से : 

गौरतलब है कि साल 2014 में वर्सोवा से घाटकोपर तक शुरू हुए मुंबई मेट्रो के विस्तार की बात शुरू हुई तो पार्किंग शेड की जरूरत पड़ी। 23,136 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में फ्लोर स्पेस इंडेक्स निर्माण होना था। मुंबई मेट्रो परियोजना से जुड़ी एजेंसी को फिल्म सिटी गोरेगांव वाले इलाके की आरे कॉलोनी पसंद आई। 



सघन पेड़ों वाला यह इलाका आरे जंगल भी कहलाता है। यहां पेड़ ही पेड़ थे, जबकि कंपनी को शेड बनाने के लिए मैदानी भाग चाहिए था। इसके लिए पेड़ों की कटाई जरूरी थी। जैसे ही लोगों को इसकी भनक लगी, तो विरोध शुरू हो गया। राज्य सरकार ने कंपनी से मेट्रो शेड के लिए कोई और जगह तलाशने के लिए भी कहा।

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आरे पेड़ बचाओ अभियान - फोटो : Twitter
कंपनी ने कोशिश की, लेकिन जगह नहीं मिली। ऐसे में कंपनी के सामने फिर से आरे जंगल का विकल्प था। शेड बनाने के लिए यहां 2702 पेड़ों की कटाई होनी थी। सेव आरे मुहिम चला रहे लोग कोर्ट की शरण में गए, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दी। याचिकाएं खारिज होने के बाद शुक्रवार से पेड़ों की कटाई शुरू हो गई।
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