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फतेह किट विवाद: गहरे फंसे अमरिंदर सिंह, राघव चड्ढा ने लोकपाल से की शिकायत
Tue, 08 Jun 2021 11:47 PM IST
Jeet Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 08 Jun 2021 11:47 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी ने फतेह किट खरीदने में भ्रष्टाचार की शिकायत कर मांग की है कि महामारी के दौर में पंजाब के खजाने को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार राजनैतिक और प्रशासनिक व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा
- फोटो : facebook.com/raghavchadhaca
विस्तार
फतेह किट विवाद पंजाब की राजनीति में तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा के बाद आम आदमी पार्टी इस मामले पर तेज हमलावर हो गई है और उसने इस मुद्दे पर बड़ा आन्दोलन करने का निर्णय ले लिया है। पार्टी ने इस मुद्दे पर लोकपाल से भी शिकायत की है और फतेह किट खरीद में हुए पूरे घोटाले के जांच की मांग की है।
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आम आदमी पार्टी पंजाब सह प्रभारी राघव चड्ढा ने मंगलवार को फतेह किट विवाद के मामले में लोकपाल के सामने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने कहा कि फतेह किट जैसे बेहद संवेदनशील मामले में भी घोटाला करना पंजाब के आम लोगों की भावनाओं का अपमान है। इस बात की जांच होनी चाहिए कि फतेह किट की ऊंची कीमतों पर खरीद कर किन लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है।
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आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि इलाज किट खरीदने के लिए पहला टेंडर संगम मेडिकल स्टोर के साथ समझौता किया गया था, जिसने एक फतेह किट केवल 837 रुपए में देने के लिए स्वीकार किया था। लेकिन इस स्टोर से कुछ हजार किटों की ही खरीद की गई।
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इस के बाद ग्रेड वे इन कॉपोरेशन को 1226 रुपए प्रति किट की दर के साथ टेंडर जारी किए गए। यह भी सामने आया है कि ग्रेड वे मेडिकल लाइसेंस होने की कसौटी पर भी कानूनी रूप के साथ खरी नहीं उतरती, फिर भी सरकार को किटें देने के लिए इस को चुना गया। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार ने दूसरे टेंडर के द्वारा 1226.40 रुपए के हिसाब से 50 हजार फतेह किटें खरीदीं।
इस के बाद बड़ी घटना यह घटी कि सरकार ने 150000 किटों का एक ओर ऑर्डर 1338.40 रुपए की दर के साथ उसी ग्रेड वे इन कॉरपोरेशन को दिया था। आरोप है कि पंजाब सरकार ने कोरोना इलाज की किट खरीदने के लिए बार-बार टेंडर जारी किए और हर बार ही कीमत में तब्दीली की गई, जिससे पता चलता है कि फतेह किट खऱीदने में भ्रष्टाचार हुआ है।