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राष्ट्रपति के नाम की फर्जी चिट्ठी फेसबुक पर पोस्ट करना पड़ा भारी, अमेरिका से लौटने पर गिरफ्तार
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Aug 2018 04:52 PM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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बेंगलुरू के एक प्रबंधन कॉलेज के निदेशक को राष्ट्रपति के नाम की एक फर्जी चिट्ठी शेखी बघारने के लिए फेसबुक पर पोस्ट करना भारी पड़ गया। आरोपी निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज होने के एक साल बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी हरिकृष्ण मारम एक साल से अमेरिका में था और इसी महीने बेंगलुरू लौटा था। उसकी उम्र 45-50 के बीच है। दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने उसे बुधवार को गिरफ्तार किया।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने पिछले साल शिकायत दर्ज करायी थी। इसके बाद साइबर प्रकोष्ठ के उप निरीक्षक भानू प्रताप ने मामले की जांच की।
जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मारम ने राष्ट्रपति से मिले ‘‘प्रशंसा पत्र’’ की एक कथित तस्वीर पोस्ट कर दावा किया था कि डिजिटल मार्केटिंग पर उसने जो किताब लिखी है उसके लिए उसे सराहना मिली है।
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अधिकारी ने बताया कि पत्र फर्जी था और मारम ने शेखी बघारने तथा किताब को चर्चा में लाने के लिए पत्र पोस्ट किया था।
मामला दर्ज होने के वक्त मारम अमेरिका में था और उससे संपर्क किया गया लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ।
आरोपी बेंगलुरू में एक प्रबंधन स्कूल चलाता है और उसने एमबीए और बी फार्मा कर रखा है। उसे गुरुवार को शहर की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी हरिकृष्ण मारम एक साल से अमेरिका में था और इसी महीने बेंगलुरू लौटा था। उसकी उम्र 45-50 के बीच है। दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने उसे बुधवार को गिरफ्तार किया।
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राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने पिछले साल शिकायत दर्ज करायी थी। इसके बाद साइबर प्रकोष्ठ के उप निरीक्षक भानू प्रताप ने मामले की जांच की।
जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मारम ने राष्ट्रपति से मिले ‘‘प्रशंसा पत्र’’ की एक कथित तस्वीर पोस्ट कर दावा किया था कि डिजिटल मार्केटिंग पर उसने जो किताब लिखी है उसके लिए उसे सराहना मिली है।
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अधिकारी ने बताया कि पत्र फर्जी था और मारम ने शेखी बघारने तथा किताब को चर्चा में लाने के लिए पत्र पोस्ट किया था।
मामला दर्ज होने के वक्त मारम अमेरिका में था और उससे संपर्क किया गया लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुआ।
आरोपी बेंगलुरू में एक प्रबंधन स्कूल चलाता है और उसने एमबीए और बी फार्मा कर रखा है। उसे गुरुवार को शहर की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।