Leena Nair Chanel’s New CEO: हैट से फैशन तक शेनेल कैसे एक अग्रणी लग्जरी ब्रांड बन गया, इसे शुरू करने वाले फैशन डिजाइनर की कहानी
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विस्तार
एफएमसीजी कंपनी यूनिलीवर की चीफ ह्यूमन रिसॉर्सेज ऑफिसर लीना नायर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह अब फ्रांस की लग्जरी ब्रांड शेनेल के साथ काम करेंगीं। शेनेल ने मंगलवार को लंदन में लीना नायर को अपना नया ग्लोबल चीफ एग्जिक्युटिव नियुक्त किया है। शेनेल ने बताया है कि लीना नायर जनवरी से यानी नए साल से ग्रुप में शामिल होंगी। एलेन वर्थाइमर, जो अपने भाई जेरार्ड वर्थाइमर के साथ इस ब्रांड के मालिक हैं, नायर के कंपनी में शामिल होने के बाद वैश्विक कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। शेनेल मुख्य तौर पर फैशन, ज्वेलरी, घड़ियां, चश्मे, परफ्यूम, मेकअप और स्किन केयर से जुड़ा ब्रांड है। इसका मुख्यालय अब यूके में है।किसने शुरू किया शेनेल
इसकी स्थापना 1910 में फ्रेंच फैशन डिजाइनर गैब्रियेल बोनोल शेनेल उर्फ ‘कोको’ ने की थी। उन्होंने एक टोपी बुटीक के रुप में इसकी शुरुआत की थी। बाद में शेनेल शब्द फ्रेंच में ठाठ का उपशब्द बन गया। उन्होंने लंबे समय तक पेरिस के फैशन जगत पर राज किया। उनके सुरुचिपूर्ण ढंग से डिजाइन किए गए फैशन परिधानों ने महिलाओं को जटिल और असुविधाजनक कपड़ों को त्यागने के लिए मजबूर किया। धीरे-धीरे नवाचारों से बनाए गए उनके पर्स, गहने, क्लासिक सूट और खास तौर पर छोटी काली पोशाक काफी मशहूर हो गए।
गैब्रियेल का जन्म फ्रांस के एक ग्रामीण इलाके के गरीब परिवार में हुआ था। उनकी मां की मृत्यु हो गई थी और उनके पिता ने उन्हें अनाथालय में छोड़ दिया था। लेकिन कहा जाता है कि उनकी चाची ने उन्हें सिलाई करना सिखाया और यहीं से उनके फैशन डिजाइनर बनने का रास्ता खुल गया। हाउस ऑफ शेनेल नामक छोटी सी दुकान गैब्रियेल ने पहली बार 1910 में खोली।
कोको ने जल्दी ही अपनी उत्कृष्ट और खूबसूरती से सजाए गए टोपियों से सुर्खियां पा लीं। उन्होंने कुछ समय तक कैफे गायक के रूप में भी काम किया। बाद में कुछ लोगों का साथ मिलने पर 1913 में अपना एक स्टोर खोला, जहां उन्होंने जर्सी स्वेटर और महिलाओं के लिए खेल के कपड़े बेचने लगीं। वास्तव में यहीं से शेनेल कॉउचर ब्रांड पैदा हुआ।
गैब्रियेल कोको के डिजाइन ने सादगी और आराम पर जोर दिया और फैशन उद्योग में क्रांति ला दी। 1920 के दशक के अंत तक शेनेल कथित तौर पर लाखों की कीमत का था और इत्र प्रयोगशाला, कपड़ा मिल और आभूषण कार्यशाला में 2000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने 1921 में फ्रांस के सबसे प्रतिभाशाली इत्र निर्माताओं में से एक अर्न्स्ट बीक्स की मदद से परफ्यूम बनाना शुरू किया। वे अपना परफ्यूम पेश करने वाली पहला प्रमुख फैशन डिजाइनर थीं और परफ्यूम की खूशबू और पैकेजिंग ने उन्हें बहुत मशहूर कर दिया।
गैब्रियेल कोको के डिजाइन ने सादगी और आराम पर जोर दिया और फैशन उद्योग में क्रांति ला दी। 1920 के दशक के अंत तक शेनेल कथित तौर पर लाखों की कीमत का था और इत्र प्रयोगशाला, कपड़ा मिल और आभूषण कार्यशाला में 2,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला। 1921 में उन्होंने फ्रांस के सबसे प्रतिभाशाली इत्र निर्माताओं में से एक अर्न्स्ट बीक्स की मदद से परफ्यूम बनाना शुरू किया। वे अपना परफ्यूम पेश करने वाली पहला प्रमुख फैशन डिजाइनर थीं और परफ्यूम की खूशबू और पैकेजिंग ने उन्हें बहुत मशहूर कर दिया।
बिजनेस बंद करना पड़ा
1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने पर उन्होंने अपना बिजनेस बंद कर दिया। नाजी कब्जे के दौरान एक जर्मन राजनयिक के साथ उनके कथित रिश्तों ने उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया और वह 1954 तक फैशन की दुनिया में वापस नहीं आईं। इसके बाद वे फिर लौटीं और एक सुंदर स्कर्ट के साथ एक कॉलरलेस, ब्रैड-ट्रिम कार्डिगन जैकेट परिधाना पेश किया। उन्होंने अपने क्लासिक लुक को बरकरार रखते हुए बेल-बॉटम पैंट और अन्य इनोवेशन भी पेश किए।
1971 में उनकी मृत्यु के बाद, शेनेल के कॉउचर हाउस का नेतृत्व बाद में कई डिजाइनरों ने किया। मशहूर डिजाइनर कार्ल लेगरफेल्ड ने (1983–2019) सबसे लंबे समय तक और बेहद प्रभावशाली ढंग से इसकी कमान संभाली। 1990 के दशक में शेनेल परफ्यूम बनाने और मार्केटिंग में दुनिया भर में आगे निकल गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जो हर 10 साल में केवल एक नई खुशबू पेश करती है। वर्ष 2019 में महामारी से पहले इसने 12.3 बिलियन डॉलर की बिक्री की थी। इस वर्ष बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि की उम्मीद है।