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औरंगाबाद: ऑनलाइन जापानी भाषा सीख रहे थे बच्चे, टोक्यो से प्रोफेसर ने भेजीं किताबें

Sat, 29 Aug 2020 10:29 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 29 Aug 2020 10:29 AM IST
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A Japanese professor from Tokyo send books of Japanese language to a village in Maharashtra
books - फोटो : books

महाराष्ट्र के एक गांव में जापानी भाषा बेहतर तरीके से सीखाने के लिए एक प्रोफेसर की ओर से किताबें भेजी गई हैं। औरंगाबाद जिले के एक दूरवर्ती गांव में जापानी भाषा सिखाई जा रही है, जापान की राजधानी टोक्यो से एक प्रोफेसर ने कई किताबों का एक सेट उस गांव में भेजा है ताकि बच्चे और बेहतर तरीके से भाषा को सीख सके।

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औरंगाबाद से 25 किमी दूर गड़ीवत गांव परिषद की ओर से स्कूल चलाया जाता है, जिसमें जापानी भाषा सिखाई जाती है। यहां बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जापानी भाषा की लिखना और पढ़ना सीख रहे हैं। पिछले साल सितंबर में, स्कूल ने विदेशी भाषा प्रोग्राम लॉन्च करने का फैसला लिया था, जिसके तहत चौथी से आठवीं कक्षा के बच्चों को एक भाषा चुनने के लिए कहा गया जिसे वो सीखना चाहते हैं। 
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स्कूल में ज्यादातर बच्चों ने जापानी भाषा को चुना क्योंकि वो रोबोटिक्स और तकनीकी में ज्यादा रुचि रखते थे। इसके बाद एक स्थानीय जापानी जानकार ने बच्चों को ऑनलाइन मुफ्त में जापानी भाषा सीखानी शुरू कर दी। आज के समय में 70 बच्चे जापानी भाषा सीख रहे हैं।
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जेडपी एजुकेशन एक्सटेंशन अधिकारी रमेश ठाकुर ने बताया कि जापानी भाषा और भाषा विज्ञान के राष्ट्रीय संस्थान के प्रोफेसर प्रशांत पिछले 25 सालों से जापान में रहते हैं। प्रोफेसर प्रशांत को जब इस पहल के बारे में पता चला तो उन्होंने और बेहतर तरीके से बच्चों की मदद करनी चाही।

रमेश ठाकुर ने बताया कि प्रोफेसर प्रशांत ने फोन के माध्यम से प्रोजेक्ट की जानकारी ली और मराठी और जापानी भाषा की किताबों के छह सेट स्कूल में भेज दिए। रमेश ठाकुर ने बताया कि उन्हें किताबें मिल चुकी हैं, जिसमें जापानी-मराठी शब्दकोश, अनुवादित की गई कहानी की किताबें और व्याकरण की किताबें और अन्य लेख शामिल हैं।


रमेश ठाकुर के मुताबिक जेडपी एजुकेशन ने फैसला किया है कि वो अपने इस कार्यक्रम को जिले के चार और स्कूलों में शुरू करेगा। रमेश ने कहा कि जिले के चार स्कूलों के 35 छात्र जो जापानी भाषा सीखना चाहते हैं उनके लिए एक दिशानिर्देश व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा।

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