{"_id":"615655be8ebc3e0455703876","slug":"95-percent-antibodies-lasting-a-year-after-corona-virus-infection","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद साल भर बाद तक टिक रही 95 फीसदी एंटीबॉडी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद साल भर बाद तक टिक रही 95 फीसदी एंटीबॉडी
Fri, 01 Oct 2021 05:56 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 01 Oct 2021 05:56 AM IST
सार
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में अब लगातार कमी आ रही है और स्वस्थ होने की दर बढ़ रही है। रिकवरी रेट करीब 98 फीसदी पहुंच गया है।
विज्ञापन
COVID-19 antibody
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का कहना है कि एक बार संक्रमित होने के बाद किसी भी व्यक्ति में विकसित होने वालीं एंटीबॉडी करीब एक वर्ष से भी अधिक समय तक टिक सकती हैं।
विज्ञापन
अभी तक कई ऐसे वैज्ञानिक अध्ययन आए हैं, जिनके आधार पर कहा जा सकता है कि 95 फीसदी तक एंटीबॉडी 12 महीने से भी अधिक समय तक रहती हैं। इस अवधि तक यह एंटीबॉडी उक्त व्यक्ति का संक्रमण से बचाव करने में मदद करती हैं।
विज्ञापन
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन की तीसरी खुराक (बूस्टर डोज) पर फिलहाल विचार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि तीन महीने पहले जून में चौथे सीरो सर्वे में पता चला था कि दूसरी लहर के दौरान 67% से भी अधिक आबादी संक्रमण की चपेट में आई थी।
विज्ञापन
डीएनए वैक्सीन जल्द
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि जायडस कैडिला फॉर्मा कंपनी की डीएनए वैक्सीन की कीमत को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। यह तीन खुराक वाली वैक्सीन है। अभी सरकार से कंपनी के साथ बातचीत चल रही है। बहुत ही कम समय में वैक्सीन टीकाकरण कार्यक्रम में उपलब्ध होने जा रही है।