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सेना की जरूरत के बॉडी बैग्स और कास्केट 17 सालों से गोदाम में हैं पड़े
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 12 Oct 2017 05:09 AM IST
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भारतीय सेना
- फोटो : FILE PHOTO
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सन 1999 में सेना की जरूरत के लिए 900 बॉडी बैग्स और कास्केट खरीदे गए थे मगर पिछले 17 सालों से वे गोदाम में पड़े हैं। चार लाख अमेरिकी डॉलर के रिश्वत के आरोप लगने के बाद इस मामले की सीबीआई जांच हुई थी जो कि अब खत्म हो चुकी है। अब सेना ने इन सामानों को जल्द से जल्द सौंपे जाने की मांग की है।
बॉडी बैग्स और कास्केट को फिर से अपने कब्जे में लेने के लिए सेना की यह मांग उन तस्वीरों के वायरल होने के बाद आया है जिसमें सात जवानों के शवों को प्लास्टिक में लपेटने के बाद कार्डबोर्ड से बांधा गया था। इन तस्वीरों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया।
ये भी पढ़ेंः वायुसेना दिवस: दुश्मनों से देश को महफूज रखने वाले ये हैं एयरफोर्स के लड़ाकू विमान
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शुक्रवार को तवांग में दुर्घटनाग्रस्त हुए एमआई-17 हेलीकॉप्टर में सात जवान शहीद हो गए थे। अधिकारियों ने कहा कि सेना ने सीबीआई से एक बार फिर अनुरोध किया है कि वह बॉडी बैग्स और कास्केट को उन्हें सौंप दे क्योंकि इसकी खरीद को लेकर जारी जांच खत्म हो चुकी है और यह मामला 2013 में ही बंद हो चुका है।
सीबीआई से जब इस बारे में पूछा गया तो उनसे कहा कि हम इस मामले में देख रहे हैं। दरअसल कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन एनडीए सरकार ने तीन हजार बॉडी बैग्स और 500 एल्युमिनियम कास्केट की खरीद के आदेश दिए थे। हालांकि रिश्वत के आरोपों के बाद सौदे को रद्द कर दिया गया लेकिन कंपनी 900 बॉडी बैग्स और 150 कास्केट पहले ही दे चुकी थी।
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बॉडी बैग्स और कास्केट को फिर से अपने कब्जे में लेने के लिए सेना की यह मांग उन तस्वीरों के वायरल होने के बाद आया है जिसमें सात जवानों के शवों को प्लास्टिक में लपेटने के बाद कार्डबोर्ड से बांधा गया था। इन तस्वीरों ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया।
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सीबीआई से जब इस बारे में पूछा गया तो उनसे कहा कि हम इस मामले में देख रहे हैं। दरअसल कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन एनडीए सरकार ने तीन हजार बॉडी बैग्स और 500 एल्युमिनियम कास्केट की खरीद के आदेश दिए थे। हालांकि रिश्वत के आरोपों के बाद सौदे को रद्द कर दिया गया लेकिन कंपनी 900 बॉडी बैग्स और 150 कास्केट पहले ही दे चुकी थी।