फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   $88 Billion Of Old Notes Means Cheaper Loans: Centre To Supreme Court

नोटबंदी: केंद्र ने SC से कहा- सस्ते होंगे लोन

Wed, 23 Nov 2016 06:51 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 23 Nov 2016 06:51 PM IST
विज्ञापन
$88 Billion Of Old Notes Means Cheaper Loans: Centre To Supreme Court
नोटबंदी
500 और 1000 के नोट बंद करने की अपनी योजना को सफल बताते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि इसका असर अब दिखने लगा है। सुप्रीम कोर्ट में  सरकार ने कहा कि बैंकों के बाहर लोगों की लाइन अब पहले के मुकाबले काफी कम हो रही है।
विज्ञापन


कोर्ट में सरकार ने कहा कि पुराने नोट जमा कराने के इस सुधार का काफी फायदा होगा। सरकार ने कहा, 'इसका असली फायदा यह है कि बैंकों के पास और भी अधिक पैसा होगा और लोन के लिए ब्याज दरें कम होंगी।' अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अब तक 88 बिलियन अमेरिकी डॉलर मू्ल्य के पुराने नोट जमा हो चुके हैं।
विज्ञापन


नोटबंदी के मामले पर पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह अचानक से पुराने नोट बंद करने की घोषणा की गई और कैश की कमी के कारण हड़बड़ी मची उससे दंगे भी हो सकते हैं। गौरतलब है कि 500 और 1000 के नोटों की हिस्सेदारी 86 फीसदी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 

'500 और 1000 के नोटों की कोई तंगी नहीं '

$88 Billion Of Old Notes Means Cheaper Loans: Centre To Supreme Court
नोटबंदी - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी को लेकर चेन्नई और कोलकाता समेत कई कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गईं जिसमें नोटबंदी को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की गई। 

केंद्र सरकार ने अब कोर्ट में कहा है कि 500 और 1000 के नोटों की कोई तंगी नहीं है। सरकार ने कहा कि केवल ट्रांसपोर्ट की समस्या है जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह नोटबंदी पर दायर याचिकाओं की सुनवाई के लिए किसी अन्य कोर्ट को नहीं रोकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed