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Hindi News ›   India News ›   88.85 Percent Readers Stands With Decision Of Not To Give Government Jobs To Stone Pelters In Jammu Kashmir Amar Ujala Poll

अमर उजाला पोल: जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों को सरकारी नौकरी नहीं देने के फैसले के साथ 88.85 फीसदी पाठक

Tue, 03 Aug 2021 04:56 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 03 Aug 2021 04:56 PM IST
सार

कश्मीर में सरकार ने आदेश जारी किया है कि पासपोर्ट और सरकारी नौकरी हेतु सत्यापन के दौरान व्यक्ति की कानून-व्यवस्था उल्लघंन, पत्थरबाजी के मामलों और राज्य में सुरक्षा बलों के खिलाफ अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की विशेष तौर पर जांच हो। 

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88.85 Percent Readers Stands With Decision Of Not To Give Government Jobs To Stone Pelters In Jammu   Kashmir Amar Ujala Poll
stone pelters - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों और देशद्रोहियों को अब सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ना ही पासपोर्ट के लिए उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलेगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस की सीआईडी इकाई ने हाल ही में ये आदेश जारी किया था। इस पर अमर उजाला डॉटकॉम ने अपने पाठकों से की राय जानी। इसमें ज्यादातर लोगों ने इस फैसले को सही माना है।

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यह था पोल का सवाल
अपने नियमित पोल में अमर उजाला डॉटकॉम ने पाठकों से सवाल किया था कि कश्मीर में देशद्रोहियों और पत्थरबाजों को पासपोर्ट और सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, क्या सरकार का ये फैसला सही है? पोल में शामिल हुए 88.85 फीसदी लोगों ने इस फैसले को सही करार दिया है। वहीं, सिर्फ 11.15 फीसदी लोगों का मानना है कि यह फैसला सही नहीं है।
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31 जुलाई को जारी किया सर्कुलर
इससे पहले 31 जुलाई को कश्मीर में सीआईडी की विशेष शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी किया कि पासपोर्ट और सरकारी नौकरी अथवा अन्य सरकारी योजनाओं हेतु सत्यापन के दौरान व्यक्ति की कानून-व्यवस्था उल्लघंन, पत्थरबाजी के मामलों और राज्य में सुरक्षा बलों के खिलाफ अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की विशेष तौर पर जांच हो। 
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ऐसे मामलों का मिलान स्थानीय थाने में मौजूद रिकॉर्ड से किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया है कि इस तरह के सत्यापन के दौरान पुलिस, सुरक्षाबलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद डिजिटल सबूतों जैसे सीसीटीवी फुटेज, फोटोग्राफ, वीडियो और ऑडियो क्लिप को भी संज्ञान में लिया जाना चाहिए। एसएसपी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे मामलों में संलिप्त पाया जाता है तो उसको सुरक्षा मंजूरी देने से इनकार किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने अधीन सभी क्षेत्र यूनिटों को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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