Bihar: मतदाता सूची गहन समीक्षा के दौरान 83 फीसदी गणना फॉर्म जमा, अंतिम तिथि में 11 दिन शेष
चुनाव आयोग ने कहा है कि बिहार में चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के तहत भरे हुए गणना फॉर्म्स (EFs) जमा करने की अंतिम तारीख में अभी 11 दिन बाकी हैं, और अब तक 7,89,69,844 मतदाताओं में से 6,60,67,208 यानी 83.66 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म इकट्ठे किए जा चुके हैं।
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बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सोमवार तक राज्य के कुल 7,89,69,844 मतदाताओं में से 6,60,67,208 यानी 83.66% गणना फॉर्म (ईएफ) जमा किए जा चुके हैं। इन मतदाताओं को मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अभी पूरी प्रक्रिया में 11 दिन और शेष हैं।
चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के काम में लगे बीएलओ ने घर-घर जाकर दो दौर में इन गणना फार्म को एकत्र किया है। अब तक 1.59 फीसदी मतदाता मृत पाए गए हैं, जबकि 2.2 फीसदी स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं। 0.73 फीसदी व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए। जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर गए हुए हैं, उनके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन और प्रत्यक्ष संपर्क के जरिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वे समय पर फॉर्म भर सकें और उनका नाम 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
ऐसे मतदाता ECINet ऐप या ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से अपने मोबाइल फोन से आसानी से फॉर्म भर सकते हैं। वे अपने फॉर्म परिवार के सदस्यों के जरिए या व्हाट्सऐप समेत अन्य ऑनलाइन माध्यमों से संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को भेज सकते हैं।
88.18 फीसदी गणना फॉर्म जमा
आयोग के मुताबिक, अभी तक 88.18 फीसदी मतदाता अपना गणना फॉर्म जमा कर चुके हैं। अब महज 11.82 फीसदी मतदाता ही अपने गणना फॉर्म जमा करने के लिए शेष हैं और इनमें से कई ने आने वाले दिनों में दस्तावेज के साथ अपने ईएफ जमा करने के लिए समय मांगा है।
केंद्रीय चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और बाकी मतदाता भी अपने गणना फॉर्म भरें। लगभग एक लाख बीएलओ जल्द ही घर-घर जाकर अपना तीसरा दौर करेंगे। बिहार में विशेष पुनरीक्षण के चौथे चरण के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। इसमें केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिनके फॉर्म तय समयसीमा के भीतर प्राप्त हो जाएंगे। 25 जुलाई तक जिन मतदाताओं के फॉर्म नहीं मिलेंगे, उनके नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं किए जाएंगे। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
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261 शहरी स्थानीय निकायों में लगाए गए शिविर
बिहार के सभी 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। वहीं सभी राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 1.5 लाख बीएलए के प्रयासों को भी बढ़ाया गया है, जिनमें से प्रत्येक प्रतिदिन 50 ईएफ तक प्रमाणित और जमा कर सकता है।
मतदाता पंजीकरण अधिकारीऔर सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी प्राप्त फॉर्म की जांच संविधान के अनुच्छेद 326 में निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर करेंगे, जिसके अनुसार मतदाता का भारतीय नागरिक होना, उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना, और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य निवास होना अनिवार्य है। ड्राफ्ट रोल की प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएंगी। जो मतदाता प्रारंभिक समयसीमा में फॉर्म नहीं भर पाए हैं, वे दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान फॉर्म 6 और एक घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं। बूथ लेवल एजेंट ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद भी प्रतिदिन 10 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं।