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Aatm Nirbhar Bharat: 780 और रक्षा उपकरणों-प्रणालियों का आयात होगा बंद, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी
Mon, 29 Aug 2022 06:38 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 29 Aug 2022 06:38 AM IST
सार
रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर, 2023 से दिसंबर, 2028 तक की अवधि में वस्तुओं के आयात प्रतिबंध के लिए विशिष्ट समय सीमा निर्धारित की है। बयान में कहा गया, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 780 लाइन रिप्लेसमेंट यूनिट्स की तीसरी सूची को एक समय सीमा के साथ मंजूरी दे दी है, जिसके बाद उन्हें केवल घरेलू उद्योग से ही खरीदा जाएगा।
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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।
- फोटो : ट्विटर/रक्षा मंत्री कार्यालय
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विस्तार
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 780 घटकों और उप प्रणालियों की एक नई सूची को मंजूरी दे दी है, जो घरेलू उद्योग से केवल छह साल की समय सीमा के तहत आयात पर प्रतिबंध लगने के बाद खरीदी जाएगी। तीसरी ‘सकारात्मक स्वदेशीकरण’ सूची का उद्देश्य रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) द्वारा आयात को कम करना है।
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रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर, 2023 से दिसंबर, 2028 तक की अवधि में वस्तुओं के आयात प्रतिबंध के लिए विशिष्ट समय सीमा निर्धारित की है। बयान में कहा गया, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 780 लाइन रिप्लेसमेंट यूनिट्स की तीसरी सूची को एक समय सीमा के साथ मंजूरी दे दी है, जिसके बाद उन्हें केवल घरेलू उद्योग से ही खरीदा जाएगा।
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यह सूची दिसंबर 2021 और मार्च 2022 में लाई गई दो समान सकारात्मक सूचियों के क्रम में है। रक्षा मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों में रक्षा निर्माण में 25 बिलियन अमेरिकी डालर (1.75 लाख करोड़ रुपये) के कारोबार का लक्ष्य रखा है, जिसमें 5 बिलियन डालर के सैन्य हार्डवेयर का निर्यात शामिल है।
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‘मेक’ श्रेणी के तहत होगा स्वदेशीकरण
मंत्रालय ने कहा कि इन वस्तुओं का स्वदेशीकरण ‘मेक’ श्रेणी के तहत विभिन्न मार्गों से किया जाएगा। ‘मेक’ श्रेणी का उद्देश्य रक्षा निर्माण में भारतीय उद्योग की अधिक भागीदारी को शामिल कर आत्मनिर्भरता हासिल करना है। अनुमान के अनुसार भारतीय सशस्त्र बलों को अगले पांच वर्षों में पूंजीगत खरीद में लगभग 130 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करने का अनुमान है। सरकार ने अब आयातित सैन्य प्लेटफार्मों पर निर्भरता कम और घरेलू रक्षा निर्माण का समर्थन करने का फैसला किया है।