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5,700 करोड़ के घोटालेबाज केस दर्ज होने से पहले ही भाग गए थे देश से

Tue, 25 Sep 2018 01:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 25 Sep 2018 01:14 PM IST
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5000 crore rupees frauds Sandesara brothers left India before case filed said ED

5,700 करोड़ रुपये के घोटालेबाज दो गुजराती व्यापारियों की 4,703 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है। मामले पर (ईडी) प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि घोटाले के मुख्य आरोपी वडोदरा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक कंपनी के डायरेक्टर नितिन संदेसरा और उसका भाई चेतन संदेसरा हैं। ईडी ने बताया कि घोटाले के बारे में पता चलने और कंपनी के खिलाफ केस दर्ज होने से काफी पहले ही ये आरोपी भारत से भाग गए थे।


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5,700 करोड़ रुपये के घोटालेबाज दो गुजराती व्यापारियों की 4,703 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है। मामले पर (ईडी) प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि घोटाले के मुख्य आरोपी वडोदरा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक कंपनी के डायरेक्टर नितिन संदेसरा और उसका भाई चेतन संदेसरा हैं। ईडी ने बताया कि घोटाले के बारे में पता चलने और कंपनी के खिलाफ केस दर्ज होने से काफी पहले ही ये आरोपी भारत से भाग गए थे।

घोटालेबाज गुजराती व्यापारी नितिन संदेसरा को लेकर खबर आई है कि वह नाइजीरिया भाग गया है। इससे पहले खबर आई थी कि वह दुबई में रह रहा है।

अब ईडी और सीबीआई से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी है कि वह अपने परिवार सहित नाइजीरिया में छिपा हुआ है। उसके परिवार में उसका भाई चेतन संदेसरा, भाभी दीप्तिबेन संदेसरा और परिवार के बाकी लोग भी शामिल हैं। भारत के लिए उसे अफ्रीकी देश से वापस लाना बहुत कठिन होगा। जिसका कारण है भारत का नाइजीरिया के साथ कोई प्रत्यर्पण समझौता न होना।

ईडी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि संदेसरा भाईयों के खिलाफ एलओसी फाइल करने से पहले ही वह भाग गए थे। एलओसी का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है जिन्हें पुलिस और अन्य एजेंसियां फरार घोषित कर देती हैं। दोनों के खिलाफ एलओसी अग्सत 2017 में आई और सीबीआई ने इससे 3 महीने बाद यानि अक्टूबर 25 को केस दर्ज किया।

हिरासत की खबर भी गलत

एक अधिकारी ने बताया कि नितिन को दुबई में यूएई अथॉरिटी द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर गलत है। उसे कभी हिरासत में लिया ही नहीं गया। अधिकारी ने बताया कि नितिन और उसका परिवार उससे काफी समय पहले ही नाइजीरिया पहुंच चुका था।

फिलहाल जांच एजेंसियों ने यूएई अथॉरिटी को संदेसरा की गिरफ्तारी का आवेदन करने का फैसला किया है। साथ ही पूरे परिवार के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जाएगा। अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि नितिन और उसका परिवार नाइजीरिया में हैं या फिर किसी और देश में। साथ ही इस बात का भी पता नहीं चल पाया है कि वह लोग भारतीय पासपोर्ट के साथ घूम रहे हैं या फिर किसी और देश के पासपोर्ट के साथ।

सीबीआई और इडी ने किया था केस दर्ज

गौरतलब है कि सीबीआई और ईडी ने वडोदरा स्थित स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशकों नितिन, चेतन और दीप्ति संदेसरा के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके साथ ही जिन अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया उनमें राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित, विलास जोशी, चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हठी, आंध्र बैंक के पूर्व निदेशक अनुप गर्ग और कुछ अज्ञात लोग शामिल हैं।
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