केंद्रीय सचिवालय सेवा: लंबे समय बाद लगी 'पदोन्नति' की झड़ी, 4700 अफसरों को मिली पदोन्नति, काम कर गया ये दबाव
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के अधिकारियों के लिए दिल्ली की पहली बरसात खुशी लेकर आई है। लंबे समय बाद सीएसएस में पदोन्नति की झड़ी लग गई है। 4700 अफसरों को पदोन्नति का तोहफा मिला है। इनमें से अधिकांश अफसरों के पदोन्नति आदेश जारी हो गए हैं। पदोन्नति की मांग को लेकर डीओपीटी पर सीएसएस अधिकारियों का दबाव काम कर गया है। पदोन्नति सूची में 1850 सहायक सेक्शन अफसर को सेक्शन अफसर बनाया गया है। इनकी पदोन्नति 2018 से लंबित थी। सेक्शन अफसर, जिन्हें अब अंडर सेक्रेटरी बनाया गया है, उनकी संख्या 1400 है। इनकी पदोन्नति साल 2015 से लंबित रही है। 1150 अंडर सेक्रेटरी अब डिप्टी सेक्रेटरी बन गए हैं। ये अधिकारी भी 2013 से प्रमोशन की राह देख रहे थे। डिप्टी सेक्रेटरी, जिन्हें अब डायरेक्टर बनाया गया है, इनकी संख्या 350 है। विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत ये डिप्टी सेक्रेटरी भी साल 2018 से पदोन्नति के लिए संघर्ष कर रहे थे।
सीएसएस फोरम को आश्वासन दिया, मगर पदोन्नति नहीं
केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों के संगठन सीएसएस फोरम द्वारा इन पदोन्नति के लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा था। फोरम के सदस्यों ने कई बार डीओपीटी के मंत्री एवं सचिव से मुलाकात की थी। उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों ने गत आठ फरवरी को राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर उन्हें अपने साथ हो रहे अन्याय से अवगत कराया था। उस वक्त मंत्री ने सीएसएस फोरम को आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होगा। इनमें सबसे बड़ी मांग सीएसएस के सभी वर्गों में नियमित पदोन्नति देना था। दूसरा, केंद्रीय सचिवालय सेवा के सभी अधिकारियों को संगठित समूह 'ए' के फायदे प्रदान करना और केंद्रीय सेवा में प्रतिनियुक्ति के लिए नौ साल के सर्विस क्लॉज में छूट देना, आदि शामिल था। अधिकारियों में इस बात को लेकर रोष व्याप्त था कि मंत्री के आश्वासन के बाद भी उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई।
डीओपीटी व यूपीएससी के साथ मिलकर बनाया रास्ता
सीएसएस फोरम के पदाधिकारियों का कहना है कि कार्मिक मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और कार्मिक विभाग की सचिव राधा चौहान के व्यक्तिगत प्रयासों से यह पदोन्नति संभव हुई है। पदोन्नति मामले का हल तलाशने के लिए यूपीएससी और कैडर यूनिट यानी डीओपीटी के बीच समन्वय करने के लिए सीएसएस फोरम (केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारियों की एसोसिएशन) के सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई। सचिव के निर्देशों के अंतर्गत फोरम के अधिकारियों ने कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर पदोन्नति मामले को आगे बढ़ाया। फोरम के अधिकारियों ने पिछले महीने से युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए कई वर्षों से लंबित पड़े नियमित प्रमोशन के मुद्दे को हल कर दिया। फोरम अधिकारियों का मानना है कि पदोन्नति के अलावा कई वर्षो से लंबित अन्य मुद्दों पर भी जल्द ही उचित कार्यवाही की जाएगी।
पदोन्नति के लिए पहननी पड़ी 'काली ड्रेस'
सीएसएस अधिकारियों ने सीएसएस फोरम के बैनर तले पदोन्नति के लिए आंदोलन शुरू किया था। पहले ट्विटर पर अभियान शुरू किया गया। उसके बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन आरंभ कर दिया। पदोन्नति की मांग को लेकर सभी अधिकारी सप्ताह में एक दिन काली ड्रेस पहनकर दफ्तर आने लगे। विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। इसका असर देखने को मिला। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग 'डीओपीटी' की सचिव 'एस राधा चौहान' ने सीएसएस फोरम के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात कर जल्द से जल्द इस मुद्दे को हल करने का आश्वासन दे दिया। सीएसएस फोरम ने भी 17 मई को एक पत्र, सचिव डीओपीटी को भेजा था। इसमें सीएसएस फोरम ने उन सभी कारणों का उल्लेख किया था, जिसके चलते पिछले छह साल से नियमित पदोन्नति नहीं दी जा रही थी। इस समस्या का हल जल्द से जल्द कैसे हो सकता है, फोरम ने इस बाबत कई ठोस सुझाव दिए थे।
नॉर्थ ब्लॉक में हुआ था हल्लाबोल
फरवरी में 'केंद्रीय सचिवालय सेवा' के 1500 अधिकारी एकाएक नॉर्थ ब्लॉक पहुंच गए थे। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के मंत्री 'एमओएस 'डॉ. जितेंद्र सिंह पहले से तय किसी बैठक में व्यस्त थे। उनके कार्यालय के बाहर गलियारे में खड़े सीएसएस अधिकारियों को देखकर नॉर्थ ब्लॉक में हलचल मच गई। अधिकारियों की एसोसिएशन 'सीएसएस फोरम' के सदस्यों का कहना था कि उनकी नियमित पदोन्नति छह साल से बंद है। अधिकारी, बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो रहे हैं। सीएसएस फोरम का कहना था कि अनेक अधिकारी, बिना प्रमोशन मिले ही रिटायर हो रहे हैं। उन्हें किसी तरह का कोई वित्तीय लाभ भी नहीं मिल सका। सीएसएस में मौजूदा पदों की स्वीकृत संख्या 'एसओ' 3600, यूएस 1900, डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर 780, जेएस (मूल स्थान पर) 40 है। पदों की कुल संख्या 6320 है। इनमें रिक्त स्थानों की बात करें तो सेक्शन अफसर के 1600 पद, अंडर सेक्रेटरी के 200 पद, डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर के 160 पद शामिल हैं। इस तरह से कुल 1960 पद रिक्त हैं। सीएसएस में एडहॉक डाटा के अंतर्गत एसओ-1162, यूएस-1001 व डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर के 607 पद हैं। एसओ के 6320 पदों में से 1960 पद रिक्त हैं। जो 4370 पद भरे हुए हैं, उनमें भी 2770 पद एडहॉक वाले हैं।