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2050 तक 4.5 करोड़ को छोड़ना पड़ेगा घर
Sat, 19 Dec 2020 07:05 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 19 Dec 2020 07:05 AM IST
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जलवायु परिवर्तन के कारण बदल रहे हैं हालात....
- फोटो : facebook
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देश में 4.5 करोड से ज्यादा लोगों को साल 2050 तक अपने घरों को छोड़कर दूसरे स्थानों पर विस्थापित होना पड़ेगा। इसके लिए बाढ़, चक्रवात और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं जिम्मेदार होंगी।
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एक नई रिपोर्ट में दावा करते हुए कहा गया है कि साल 2020 में प्राकृतिक आपदाओं के कारण भारत में 1.4 करोड़ लोग विस्थापित हुए हैं। इस लिहाज से 2050 तक विस्थापन मौजूदा आकंड़ों से भी तीन गुना ज्यादा बढ़ जाएगा।
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कॉस्ट्स ऑफ क्लाइमेट इनएक्शन: डिस्प्लेसमेंट और डिस्ट्रैस माइग्रेशन रिपोर्ट में पांच दक्षिण एशियाई देशों, बांग्लांदेश, नेपाल, पाकिस्तान, भारत और श्रीलंका के जलवायु से प्रेरित विस्थापन और पलायन के मूल्यांकन को आधार बनाया गया है।
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साथ ही अकेले दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अजीविका पर विनाशकारी प्रभाव पड़ने के कारण 2050 तक छह करोड़ लोगों के बेघर और विस्थापित होने का आकलन किया गया है।
2018 में आंतरिक जलवायु विस्थापन पर ग्राउंड्सवैल रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस समझौता लक्ष्य के तहत वैश्विक तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस कम करने में राजनीतिक विफलता पहले ही 1.8 करोड़ लोगों को 2020 में उनके घरों से विस्थापित कर चुकी है।