फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   368 terrorist are shoot dead in BJP government

मोदी शासन काल में 368 आतंकी जम्मी-कश्मीर में ढेर

Sat, 03 Jun 2017 08:38 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक Updated Sat, 03 Jun 2017 08:38 PM IST
विज्ञापन
368 terrorist are shoot dead in BJP government

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भले ही एक पुस्तिका जारी करके सितंबर में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ में 45 फीसदी की कमी बताई हो, लेकिन साऊथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के आंकड़े कुछ और ही चुगली कर रहे हैं। हालत यह है कि सुरक्षा बलों की राज्य में और नियंत्रण रेखा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शहादत बढ़ रही है। केन्द्रीय गृहमंत्रालय द्वारा जारी इस रिपोर्ट में 2011-13 के दौरान 239 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है। मंत्रालय की इस रिपोर्ट के अनुसार 2014-2017 के दौरान 368 आतंकी मारे गए। जबकि गृहमंत्रालय ने इस दौरान सुरक्षा बलों की शहादत की संख्या को बताने से साफ परहेज किया है।  

विज्ञापन


साऊथ एशिया टेररिज्म पोर्टल हाल में दिवंगत हुए पंजाब के पूर्व जांबाज पुलिस अफसर केपीएस गिल द्वारा शुरू किया गया है। इस पोर्टल के आंकड़ो के मुताबिक पहले एक सुरक्षा बल का जवान शहीद होता था तो उसकी तुलना में तीन आतंकी मारे जाते थे। अब एक जवान की शहादत पर दो आतंकी मारे जा रहे हैं। वहीं आम नागरिकों के मारे जाने का अनुपात करीब-करीब जस का तस है। इस साल 28 मई तक कुल 25 नागरिक जम्मू-कश्मीर में हिंसा-आतंकवाद की भेंट चढ़े। इस क्रम में सुरक्षा बलों के 25 कर्मी शहीद हुए और 60 आतंकी मारे गए। 
विज्ञापन


2016 में 14 आम नागरिक, सुरक्षा बल के 88 जवानों की शहादत और 165 आतंकी मारे गए। 2015 में 20 आम नागरिक, 41 सुरक्षा बल के जवान और जवाब में 113 आतंकी हलाक हुए। 2014 में आम नागरिक सुरक्षा बलों के जवान आतंकी की यह संख्या क्रमश: 32, 51 और 110 की रही। 2013 में 61 सुरक्षा बल के जवानों की शहादत और 100 आतंकी मारे गए। 2011 में 16 नागरिकों की मौत हुई, 17 जवान शहीद और 84 आतंकी मारे गए। 2011 में 119 आतंकी मारे गए, सुरक्षा बल के 30 जवानों को जान से हाथ धोना पड़ा और इसकी तुलना में 270 आतंकी हलाक हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


2010 में कश्मीर घाटी, नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अशांति बढ़ गई थी। लेकिन इस दौरान 36 आम लोग हिंसा-आतंकवाद का शिकार हुए। आतंकियों से मोर्चा लेते हुए 69 जवानों को शहादत देनी पड़ी और मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने 270 आतंकियों को मार गिराया। इसके बरअक्स 2009 में 55 आम लोग, 78 सुरक्षाकर्मियों को जान से हाथ धोना पड़ा। इस दौरान सुरक्षा बलों ने 242 आतंकियों का खात्मा किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed