विज्ञापन

विदेशी चंदा लेने वाले 302 एनजीओ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, कर रहे थे कुछ ऐसी हरकत

जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Updated Mon, 11 Feb 2019 03:53 PM IST
money
money
ख़बर सुनें
केंद्र सरकार के नियमों की अवहेलना कर विदेशों से भारी मात्रा में चंदा लेने वाले एनजीओ यानी गैर-सरकारी संगठन केंद्रीय गृह मंत्रालय के रडार पर आ गए हैं। ये एनजीओ उत्तर-पूर्व के राज्यों में चल रहे हैं। जांच एजेंसी को शक है कि ये संगठन कथित तौर पर दूसरे मुल्कों से एनजीओ के नाम पर पैसा लेकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में उसका इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार की चेतावनी को नजरअंदाज कर चंदा लेने वाले 72 एनजीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हैं। इसके अलावा 302 गैर-सरकारी संगठनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता ही रद्द कर दी गई है। कई एनजीओ के खिलाफ सरकार ने वित्तीय जांच भी बैठा दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि पिछले कुछ सालों से कई एनजीओ जो कि विदेशों से फंड ले रहे हैं, उसका कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच में सामने आया था कि कुछ एनजीओ को मिले विदेशी पैसे से राष्ट्र विरोधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे कई मामले जम्मू-कश्मीर में भी सामने आए थे।

उत्तर पूर्व के राज्यों में भी ऐसे एनजीओ देखे गए, जिनका सीधा संबंध गैर-कानूनी कार्यों को अंजाम देने वाले संगठनों के साथ रहा है। इन सबके चलते केंद्र सरकार ने विदेशी अभिदाय विनिमय अधिनियम नियम 2011 के नियम 17 (1) के तहत सभी संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों जो एफसीआरआर 2010 के तहत पंजीकृत हैं या उन्हें इस अधिनियम के तहत विदेशी चंदा लेने की अनुमति प्रदान की जाती है, की जांच कराई थी। 

खुफिया जांच एजेंसी का अलर्ट भी कुछ ऐसा ही था कि सामाजिक एवं शैक्षिक संगठन की आड़ में कई एनजीओ विदेशी चंदे का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद सरकार ने जब इनके दस्तावेज मांगे तो कई संगठन खुद-ब-खुद शक के दायरे में आ गए। जो जानकारी मांगी गई, वह नहीं मिली। यहां तक कि दर्जनों संस्थान तो ऐसे मिले हैं, जिन्होंने सरकार के किसी भी पत्र का जवाब देना उचित नहीं समझा।

नियम है कि इन संगठनों को विदेशी चंदे का सारा रिकॉर्ड सरकार को देना होता है। इसमें प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए वार्षिक रिटर्न, आय-व्यय के विवरण, प्राप्तियों, भुगतान का लेखा व बैलेंस शीट इत्यादि प्रस्तुत करना जरूरी है। अनिवार्य वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत न करना एफसीआरए 2010 और एफसीआरए 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन है।

इस नियम के तहत की गई मान्यता रद्द

एफसीआरए 2010 की धारा 14 के अनुसार, यदि कोई एनजीओ नियमों के तहत विदेशी चंदे की जानकारी छिपाता है तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। पिछले तीन साल में करीब पांच हजार एनजीओ के एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिए गए हैं। असम में 23 एनजीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश में 49 संगठनों को यह नोटिस भेजा गया है।

इन गैर-सरकारी संगठनों की मान्यता खत्म

राज्य               एनजीओ 
असम                   64 
मणिपुर                154 
नागालैंड               33
त्रिपुरा                   07 
मेघालय                21 
मिजोरम               12 
अरुणाचल प्रदेश     11 

Recommended

क्या है करियर का किस्मत कनेक्शन? जानने के लिए संपर्क करें जाने-माने ज्योतिषी से
ज्योतिष समाधान

क्या है करियर का किस्मत कनेक्शन? जानने के लिए संपर्क करें जाने-माने ज्योतिषी से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

'इमरान की वजह से गाली खा रहे हैं आप, सिद्धू जी अपने दोस्त को समझाएं'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर अपनी पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धु पर ही निशाना साधा है।

19 फरवरी 2019

विज्ञापन

शहीद विभूति ढौंडियाल की पत्नी का आखिरी मैसेज, देखिए तस्वीर

पुलवामा में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान मेजर विभूति ढौंडियाल शहीद हुए। जब उनका पार्थिव शरीर देहरादून उनके घर लाया गया तो उनकी पत्नी ने कैसे उन्हें श्रद्धांजलि दी। देखिए वो गमगीन लेकिन गर्व से भरी तस्वीर।

19 फरवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree