{"_id":"57bbbdc24f1c1bcc59d4f291","slug":"3-year-jail-for-viewing-pirated-films-online","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन पायरेटेड फिल्में देखने या डाउनलोड करने पर हो सकती है जेल ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ऑनलाइन पायरेटेड फिल्में देखने या डाउनलोड करने पर हो सकती है जेल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Aug 2016 08:37 AM IST
विज्ञापन
पायरेटेड फिल्म
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या आप इंटरनेट से फिल्मों की पायरेटेड कॉपी देखते हैं या इंटरनेट से इन फिल्मों को डाउनलोड करते हैं? कोर्ट के आदेश के मुताबिक, कॉपीराइट के तहत आने वाली किसी सामग्री की अवैध कॉपी को देखने या डाउनलोड करने या उसकी नकली कॉपी बनाने पर तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। ऐसे मामलों में तीन लाख रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है। अगर आप पायरेटेड फिल्मों की तलाश में ब्लॉक वेबसाइट तक पहुंचते हैं को आपको इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से चेतावनी भी मिलेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कई वेबसाइट के यूआरएल को ब्लॉक कर दिया गया है।
हालांकि नेटयूजर्स को केवल ब्लॉक वेबसाइट पर जाने भर से जेल नहीं होगी। वरिष्ठ कानूनी जानकार का कहना है कि किसी ब्लॉक वेबसाइट पर जाने से सजा नहीं बल्कि उस पर बार-बार जाने से सजा हो सकती है। अगर यूजर्स पायरेटेड कॉपी तक पहुंचते हैं तो भी सजा हो सकती है।
फिल्म ढिशूम के निमार्ताओं ने कुछ समय पहले कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनकी फिल्म की पायरेसी रोकी जाए। इस पर कोर्ट ने 134 वेबसाइट के लिंक और यूआरएल्स ब्लॉक कराए थे। कोर्ट ने कहा है कि अगर कुछ यूआरएल के ब्लॉक होने से यूजर्स पीड़ित है तो उसे इसके निवारण के लिए 48 घंटे के भीतर नोडल अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि नेटयूजर्स को केवल ब्लॉक वेबसाइट पर जाने भर से जेल नहीं होगी। वरिष्ठ कानूनी जानकार का कहना है कि किसी ब्लॉक वेबसाइट पर जाने से सजा नहीं बल्कि उस पर बार-बार जाने से सजा हो सकती है। अगर यूजर्स पायरेटेड कॉपी तक पहुंचते हैं तो भी सजा हो सकती है।
विज्ञापन
फिल्म ढिशूम के निमार्ताओं ने कुछ समय पहले कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उनकी फिल्म की पायरेसी रोकी जाए। इस पर कोर्ट ने 134 वेबसाइट के लिंक और यूआरएल्स ब्लॉक कराए थे। कोर्ट ने कहा है कि अगर कुछ यूआरएल के ब्लॉक होने से यूजर्स पीड़ित है तो उसे इसके निवारण के लिए 48 घंटे के भीतर नोडल अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।'
विज्ञापन