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26 साल के टैक्सी ड्राइवर का जज्बाः पहली बार में पास की SSB परीक्षा, बना सेना अधिकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Updated Tue, 13 Mar 2018 03:41 PM IST
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ओम पैठाने
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सर्विस सेलेक्शन बोर्ड एग्जाम (एसएसबी) पास करना बहुत से लोगों का सपना होता है मगर बहुत कम लोग ही ऐसे होते हैं जो इसे पहली बार में पास कर पाते हैं। ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है 26 साल के कैब ड्राइवर ओम पैठाने ने। ओम अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट हैं। एक सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बालू की प्रेरणा से उन्होंने एसएसबी परीक्षा देने की तैयारी शुरू की थी।
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ओम ने पहली ही बार में एसएसबी परीक्षा को पास कर लिया था। उन्होंने ट्रेनिंग एकेडमी में छात्रों के साथ बातचीत की और अपनी प्रेरणात्मक यात्रा के बारे में बताया कि कैसे एक कैब ड्राइवर से उन्होंने सेना अधिकारी बनने तक का कठिन सफर तय किया है। उन्होंने हर किसी के लिए एक संदेश दिया है। जो है आत्मविश्वासी रहें और जो कुछ भी करें उसपर गर्व करें। जैसे ही आप अपने काम पर गर्व करना शुरू करेंगे, आप उसमें अपना 100 प्रतिशत दे पाएंगे।
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अपने छात्र के बारे में बात करते हुए कर्नल बालू ने बताया कि ओम उनके पास 18 महीने पहले आया था। वह ऊर्जा से पूरी तरह भरपूर था और कुछ करना चाहता था। बालू ने कहा कि ओम भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहता था। वह इस समय जो कुछ है वह उसकी कड़ी मेहनत का नतीजा है। एग्जाम को पास करने के लिए ओम को भाषायी अवरोध को दूर करना पड़ा था क्योंकि वह पुणे के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखता है।
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ओम के बचपन के दोस्त राहुल भालेराव ने बताया कि वह हमेशा से अपनी मातृभूमि के लिए कुछ करना चाहता था। मगर उसे अपने परिवार के लिए पैसे भी कमाने थे। जब राहुल ने कैब के लिए कार खरीदी तो ओम रात के समय कैब ड्राइवर का काम करने के लिए राजी हो गया। मैं दिन में जबकि ओम रात के समय कैब चलाया करते थे। अपनी यात्रा के दौरान एक रात ओम की मुलाकात सेना अधिकारी बालू से हुई जिन्होंने उसे चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में एसएसबी एग्जाम देने के लिए कहा।
सेना अधिकारी की बात पर अमल करते हुए ओम ने एक नए उत्साह के साथ एग्जाम की तैयारी करनी शुरू कर दी। उसने पहले ही बार में परीक्षा पास कर ली। जिसके बाद चेन्नई के ओटीए में उन्हें एक साल का कठोर प्रशिक्षण मिला और अब वह अपनी पहली पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। ओम की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरक है जो कभी हार नहीं मानते हैं और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए हर बाधा को दूर कर देते हैं।