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26/11 मुंबई हमले में साजिशकर्ता का साथ देने वाला राणा जल्द लाया जा सकता है भारत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:27 PM IST
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मुंबई में 26/11 आंतकी हमले के 10 साल बाद भारत की खुफिया एजेंसी को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इस हमले में डेविड कोलमैन हेडली का साथ देने वाले तहव्वुर राणा को जल्द भारत लाया जा सकता है। राणा के प्रत्यर्पण के अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। राणा पाकिस्तानी सेना का पूर्व फिजिशियन रह चुका है।
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बता दें मुंबई में हुए 26/11 हमले की साजिश रचने वाले पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का साथ राणा ने दिया था। हेडली अभी शिकागो की फेडरल जेल में 35 साल की जेल की सजा काट रहा है।
सूत्रों के मुताबिक एनआईए के अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की है। इस दौरान अमेरिकी न्याय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वह 57 वर्षीय राणा के खिलाफ भारत के आरोपों को सही मानते हैं। इनपर चाबाड हाउस और एनडीसी में हमले का भी आरोप है।
अधिकारियों ने कहा कि भारत के प्रत्यर्पण के आवोदन को अमेरिकी अभियोजन पक्ष और फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफबीआई) दोनों ने स्वीकार कर लिया गया है। जिसमें राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा के तहत जालसाजी और विश्वास का आपराधिक उल्लंघन के तहत आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले अमेरिकी कानून में शामिल 'जियोपार्डी लॉ' की धारा बाधा उत्पन्न कर रही थी। जिसके तहत एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं दी जा सकती। इससे राणा के प्रत्यर्पण में परेशानी आ रही थी। लेकिन एनआईए ने 2016 में अपने अनुरोध को दोबारा दोहराया।
अधिकारी ने पहचान न बताने की शर्त पर कहा, "हमें पता है कि डेविड कोलमैन हेडली का नियमों के अनुसार भारत में प्रत्यर्पण नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने अमेरिका में याचिका दाखिल की हुई है, जो उसे प्रत्यर्पण से छूट प्रदान करती है। इसके अलावा वह यहां 35 साल की जेल की सजा भी काट रहा है। हालांकि हम राणा को भारत लाने के प्रयास कर रहे हैं और उसके प्रत्यर्पण का फैसला जल्द ही लिया जाएगा।"
जानकारी के लिए बता दें एफबीआई ने 18 अक्तूबर, 2009 में शिकागों में राणा को आतंकी गतिविधियों के लिए समर्थन देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन गतिविधियों में हत्या, अपहरण और अमेरिका के बाहर (इसमें मुंबई भी शामिल है) लोगों को हानि पहुंचाना भी शामिल है। साल 2013 में शिकागो कोर्ट ने उसे इन आरोपों और अन्य हत्या के आरोपों का दोषी ठहराया था।
राणा ने साल 2005-2009 के बीच आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को हर तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई थीं। अभी वह 14 साल की जेल की सजा काट रहा है। वहीं हेडली भी जांचकर्ताओं के सामने इस बात को बोल चुका है कि उसे राणा ने ही सुझाव दिए थे। वह उसका लंबे समय से दोस्त है और दोनों ने पाकिस्तान के हाई स्कूल में साथ पढ़ाई की है।