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BWSSB: पानी के लिए तरस रहे बेंगलुरु में बागवानी-कार धोना 22 परिवारों को पड़ा भारी; लगा पांच हजार का जुर्माना

Mon, 25 Mar 2024 05:20 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 25 Mar 2024 05:20 PM IST
सार

बीडब्ल्यूएसएसबी ने होली समारोह के दौरान लोगों पूल पार्टियों के लिए कावेरी के पानी और बोरवेल के पानी का उपयोग नहीं करने की सलाह भी दी थी।  बता दें कि शहर में पानी की कमी का आलम यह है कि वहां को डिस्पोजेबल बर्तनों में खाने और मॉल में शौचालय का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

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22 families fined Rs 5,000 for gardening and car washing in Bengaluru
बेंगलुरु में गहराया जल संकट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बेंगलुरु जो कभी गार्डन सिटी के नाम से जाना था आज वहां लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। वहीं, इस गर्मी ने तो वहां के लोगों के लिए परेशानियां और बढ़ा दी हैं। इस बीच, अधिकारियों ने कार धोने और बागवानी जैसी गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए पीने के पानी का उपयोग करने के लिए शहर के 22 परिवारों पर जुर्माना लगाया है। जल आपूर्ति बोर्ड के आदेश का उल्लंघन करने के आरोपों में अधिकारियों ने प्रत्येक परिवार को पांच हजार रुपये का जुर्माना देने आदेश दिया है। 

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इस बारे में बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 22 घरों से 1.1 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। इस जुर्माने में सबसे ज्यादा 80,000 रुपये साउथ बेंगलुरू क्षेत्र से वसूला गया है। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, बीडब्ल्यूएसएसबी ने संकट को ध्यान में रखते हुए पीने के पानी का किफायती उपयोग करने के लिए लोगों से आग्रह किया था। साथ ही निवासियों से आग्रह किया गया कि वे वाहन धोने, निर्माण और मनोरंजन उद्देश्यों के लिए पीने के पानी का उपयोग करने से बचें। साथ ही बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना तय किया था। यह जुर्माना हर बार आदेश का उल्लंघन करने पर लगाए जाने का निर्देश जारी किया था।
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इसके अलावा, बीडब्ल्यूएसएसबी ने होली समारोह के दौरान लोगों पूल पार्टियों के लिए कावेरी के पानी और बोरवेल के पानी का उपयोग नहीं करने की सलाह भी दी है।  बता दें कि शहर में पानी की कमी का आलम यह है कि वहां को डिस्पोजेबल बर्तनों में खाने और मॉल में शौचालय का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
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अल नीनो जिम्मेदार
आपातकाल का मतलब गंभीर जल संकट से है। कर्नाटक इस साल जल संकट का सामना कर रहा है। इसका एक कारण पिछले साल कम बारिश होना है। भारतीय मौसम विभाग ने कम बारिश के लिए अल नीनो प्रभाव को जिम्मेदार ठहराया है।

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