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Hindi News ›   India News ›   21 Years of Kargil War with Pakistan: Interesting Things about Operation Vijay

#CourageInKargil: जब भारतीय सेना से डरे पाकिस्तान की गुहार को अमेरिका ने ठुकराया, जानिए 10 खास बातें 

Thu, 23 Jul 2020 10:38 AM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली 
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली  Published by: अमित कुमार Updated Thu, 23 Jul 2020 10:38 AM IST
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21 Years of Kargil War with Pakistan: Interesting Things about Operation Vijay
कारगिल युद्ध जीतने के बाद भारतीय सेना - फोटो : twitter

26 जुलाई, 1999 के दिन ही हमने पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब देते हुए कारगिल युद्ध में जीत हासिल की थी। देश के लिए कुर्बान होने वाले शहीदों की याद में 26 जुलाई को पूरा देश विजय दिवस के रूप में याद करता है। 

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कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर करीब 60 दिनों तक चले युद्ध में भारतीय सेना के जज्बे के सामने पाक सैनिकों ने आखिकार घुटने टेक दिए। भारतीय सेना और वायुसेना ने पाक चौकियों पर जमकर हमले किए। पाकिस्तान को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश भारी पड़ी और जब उसे अपनी गलती का अहसास होने लगा तो उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने गिड़गिड़ाना भी शुरू कर दिया। अमेरिका से भी उसने गुहार लगाई, लेकिन तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने दो टूक कह दिया कि पहले अपनी सेना को वापस बुलाओ, उसके बाद ही बात होगी। 
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भारत को मिले अंतरराष्ट्रीय सहयोगी की वजह से पाकिस्तानी सेना को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। यह युद्ध ऊंचाई वाले इलाके पर हुआ और दोनों देशों की सेनाओं को लड़ने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रविवार को कारगिल युद्ध को 21 साल पूरे हो जाएंगे। जानते हैं इस युद्ध से जुड़ी 10 खास बातें...।

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  • एलओसी से पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने के लिए कारगिल में चलाए गए इस अभियान को ऑपरेशन विजय नाम दिया गया। 
  • यह युद्ध करीब 60 दिनों तक चला। मई में शुरू हुई जंग में 26 जुलाई को भारतीय सेना ने जीत हासिल की। 
  • पाक सैनिक ऊंची पहाड़ियों पर बैठे थे, इस वजह से भारतीय सैनिकों को काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। भारतीय जवानों ने रात में मुश्किल चढ़ाई की ताकि दुश्मन की नजर न पड़े। 
  • इस युद्ध में जीत हासिल करने में भारतीय वायुसेना की बड़ी भूमिका रही। वायुसेना ने पाक सैनिकों पर 32000 फीट की ऊंचाई से बम बरसाए। मिग—29, मिग—29 और मिराज—2000 विमानों का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान पाकिस्तान ने हमारे दो लड़ाकू विमान मार गिराए थे जबकि एक क्रैश हो गया था। 
  • नौसेना की भूमिका भी अहम रही। नौसेना ने ऑपरेशन तलवार चलाया। इसके तहत कराची समेत कई पाक बंदरगाहों के रास्ते रोक दिए गए ताकि वह कारगिल युद्ध के जरूरी तेल व ईंधन की सप्लाई न कर सके। साथ ही भारत ने अरब सागर में पाक के व्यापार रूट को भी अवरुद्ध कर दिया था।

  • इस युद्ध में 527 भारतीय जवान शहीद हुए और 1363 घायल हुए। पाकिस्तान की ओर से भी करीब 3000 सैनिक मारे गए। मगर पाकिस्तान ने इसे स्वीकार नहीं किया। उसका दावा है कि उसके सिर्फ 357 सैनिक ही मारे गए हैं। 
  • इस युद्ध में बोफोर्स तोपों ने पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए। इस तोप के खरीददारी पर खूब विवाद हुआ था, लेकिन कारगिल में बहुत काम आई।
  • तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी ने 14 जुलाई को ही युद्ध की घोषणा कर दी थी। मगर आधिकारिक तौर पर 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस की घोषणा हुई। 
  • शुरुआत में पाकिस्तान ने युद्ध में अपनी भूमिका होने की बात स्वीकार नहीं कर रहा था। उसका कहना था कि इसमें कश्मीर की आजादी मांगने वाले लोगों का हाथ है। मगर बाद में उसने युद्ध में मारे गए अपने जवानों का सम्मान किया।
  • तत्कालीन पीएम वाजपेयी ने पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को खूब लताड़ लगाई थी। उन्होंने कहा था कि मेरा लाहौर बुलाकर स्वागत करते हैं और उसके बाद कारगिल का युद्ध छेड़ देते हैं यह बहुत बुरा व्यवहार है। 
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