2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्लान बना रहा है। इस उपलक्ष में दिल्ली में सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुलाई थी, जिसमें लगभग सभी विपक्षी दलों के नेता मौजूद रहे।
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rahul gandhi and sonia gandhi
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकतांत्रिक जनता दल प्रमुख शरद पवार व अन्य कई दलों के नेता मौजूद रहे। इस बैठक में 21 राजनीतिक दलों ने पार्लियामेंट एनेक्सी में बैठक कर आरपार की लड़ाई का फैसला लिया है।
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Mamta Banerjee and chandrababu naidu
बैठक सोनिया गांधी के संबोधन से शुरू हुई जिसमें उन्होंने राजनीतिक दलों से छोटे हितों को छोड़कर देश के माहौल और मोदी सरकार के रवैये के खिलाफ एकजुटता को समय की मांग बताया। आपकी जानकारी के बता दें मंगलवार से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के अलावा विपक्ष की यह महाबैठक बुलाई गई।
इस बैठक में सत्र का एजेंडा तय करने को लेकर चर्चा हुई। हालांकि इस महत्वपूर्ण बैठक से समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने दूरियां बनाकर रखी। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सपा-बसपा के भी साथ आने का भरोसा जताते हुए कहा कि एकजुटता को लेकर अभी प्रक्रिया शुरू हुई है और वे सभी प्रगतिशील सोच वाले दलों का सम्मान करते हैं व उन्हें साथ लाने की कोशिश करेंगे। विपक्षी पार्टियां जल्द ही विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात भी कर सकती हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से कहा हम सभी राजनीतिक दल आरएसएस और भाजपा के एजेंडे के खिलाफ एकजुट हुए हैं और इन्हें रोकने का काम करेंगे। राहुल ने फिर कहा कि मोदी सरकार में सभी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के साथ सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों को इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए किया जा रहा है जिसके खिलाफ सब मिलकर विरोध करेंगे।