#लड़ेंगे_कोरोना_से : भारत में विश्व का सबसे बड़ा लॉकडाउन, 21 अप्रैल तक देशबंदी
- 130 करोड़ की आबादी... 28 राज्य और आठ केंद्रशासित प्रदेश... सब बंद
- इसलिए कि इससे कोरोना वायरस संक्रमण 62 फीसदी तक रोक सकते हैं
- कोरोना से निपटने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा
- राज्य की सरकारों को निर्दश, लॉकडाउन का पालन न हो तो लगाएं कर्फ्यू
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विस्तार
कोरोना महामारी के खतरे से देश को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार आधी रात से पूरे देश में 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की है। महज 72 घंटे के बाद राष्ट्र के नाम दूसरे संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, देश और नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सामाजिक दूरी के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने लोगों से अपने घरों को लक्ष्मण रेखा बनाने की अपील करते हुए कहा, जान है तो जहान है। प्रधानमंत्री ने महामारी को देश के लिए अग्निपरीक्षा बताते हुए इससे निपटने की तैयारियों के लिए 15,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने कहा, यह लॉकडाउन एक तरहा का कर्फ्यू ही है, लेकिन जनता कर्फ्यू से सख्त है। ऐसा सोचना गलत है कि सामाजिक दूरी केवल बीमार व्यक्ति के लिए है। यह धैर्य और अनुशासन बनाए रखने का समय है। अफवाहों पर ध्यान न दें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न खाएं। जीवन बचाने के लिए जो जरूरी है उसे प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने लोगों से करबद्ध अपील की कि जहां हैं वहीं रहें और घरों में रहें। प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे यकीन है कि हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा।
21 दिन नहीं संभले तो देश 21 साल पिछड़ जाएगा
उन्होंने कहा कि 21 दिन का लॉकडाउन लंबा वक्त होता है और इसकी बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से करबद्ध अपील की कि इस दौरान लोग जहां हैं वहीं रहें और घरों में रहें, अपने घरों में। साथ ही कहा कि लोग सड़क से न निकलें। संक्रमित व्यक्ति जाने-अनजाने कई लोगों को संक्रमित कर देता है। यह बहुत तेजी से फैलता है। इसके मरीजों को संख्या एक लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे, वहीं अगले एक लाख संक्रमित होने में केवल 11 दिन, जबकि दो से तीन लाख होने में महज चार दिन।
इटली, अमेरिका की स्वास्थ्य सुविधा बेहतरीन फिर भी हालात बेकाबू
पीएम मोदी ने कहा कि इटली, अमेरिका जैसे विकसित देशों में स्वास्थ्य सुविधा बेहतरीन हैं, फिर भी वहां की सरकारें उसे काबू करने में नाकाम रहीं। ऐसे में बचाव इसका एकमात्र उपाय है। उन्होंने कहा कि जिन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले, उन्होंने तेजी से काबू पाया। इसलिए घर के बाहर लक्ष्मण रेखा बनाएं और 21 दिन तक घर से न निकलें।
पत्रकारों, पुलिस, स्वास्थ्य व सफाईकर्मियों की तारीफ
उन्होंने कहा, उन कोरोना वारियर के बारे में सोचिये, जो दिनरात सेवा में जुटे हैं। 24 घंटे काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों, मीडियाकर्मियों, पुलिस वालों और सफाईकर्मियों के बारे में सोचिये, जो निस्वार्थ दूसरों की सेवा में जुट रहते हैं। उन्होंने कहा इस वैश्विक महामारी से बचने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं।
बंदी से इन्हें मुक्ति... राशन, दूध, सब्जी मिलते रहेंगे
- केंद्र सरकार के अधीन : रक्षा, सशस्त्र पुलिस बल, ट्रेजरी, पेट्रोलियम, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी, ऊर्जा उत्पादन व सप्लाई, डाकघर, एनआईसी।
- राज्य व केंद्रशासित प्रदेश : पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, अग्निशमन, आपात प्रबंधन, जेल, जिला प्रशासन व ट्रेजरी और बिजली, पानी व सफाई।
- नगर निकाय : सफाई और जल आपूर्ति।
- सभी सरकारी व निजी अस्पताल : केमिस्ट, चिकित्सा उपकरण की दुकानें, लैब, क्लीनिक, नर्सिंग होम, एंबुलेंस। चिकित्सा कर्मियों, नर्स, पैरा मेडिकल व अस्पताल स्टाफ को आवागमन की अनुमति रहेगी।
- बैंक, बीमा कार्यालय और एटीएम।
- दूरसंचार, इंटरनेट सेवाएं, प्रसारण और केबल, अनिवार्य आईटी आधारित सेवाएं।
- प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया।
- उत्तर प्रदेश सरकार जरूरी सामान और खाद्य पदार्थों की होम डिलिवरी करवाएगी।
- राशन की दुकानें, खाद्य पदार्थ व सामान, फल, सब्जियां, जेयरी व दूध के बूथ, मांस, मछली, पशु आहार।
देशभर के शिक्षण संस्थान 14 अप्रैल तक बंद, सभी परीक्षाएं स्थगित
तीन सप्ताह के लॉकडाउन के बाद अब देशभर के शिक्षण संस्थान 14 अप्रैल तक बंद रहेंगे। अभी सरकार ने 31 मार्च तक बंद रखने का फैसला लिया था। वार्षिक परीक्षा से लेकर प्रवेश परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का शेड्यूल भी आगे बढ़ाने का आदेश दे दिया गया है। मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी संस्थानों को शैक्षणिक सत्र का वैकल्पिक कैलेंडर तैयार करने को भी कहा है।
नहीं माने तो लगाया जाएगा कर्फ्यू
कोरोना वायरस से जारी लड़ाई के बीच संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने और राज्यों में लॉकडाउन का पालन न होने पर केंद्र सरकार ने कर्फ्यू लगाने को कहा है। इस बीच, वैश्विक स्तर पर कोरोना इतना भयावह हो गया कि 124 साल के इतिहास में पहली बार ओलंपिक खेल टाल दिए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, मंगलवार को 68 नए मरीजों के साथ संक्रमितों की संख्या 536 हो गई। इनमें से 41 विदेशी हैं जबकि 37 ठीक हो चुके हैं। तमिलनाडु में एक व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या 11 पहुंच चुकी है।