{"_id":"5a3c7dc84f1c1bc45b8bd807","slug":"20th-round-of-talks-will-start-from-friday-between-india-and-china-to-resolve-border-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: सीमा विवाद का हल निकालने के लिए NSA डोभाल और चीनी दूत के बीच बातचीत शुरू","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
दिल्ली: सीमा विवाद का हल निकालने के लिए NSA डोभाल और चीनी दूत के बीच बातचीत शुरू
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:08 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : ani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और चीन के बीच शुक्रवार से सीमा विवाद सुलझाने के मुद्दे पर अहम बातचीत शुरू हो चुकी है। सुबह भारत के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके चीनी समकक्ष यांग जिची ने एक दूसरे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बैठक शुरू हुई।
बता दें कि डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों के संघर्ष के बाद से सीमा मसले पर दोनों पक्षों के बीच पहली वार्ता हो रही है।
यह भी पढ़ें: इस साल न के बराबर हुआ चीन से कारोबार, वजह भी है खास
विज्ञापन
डोकलाम मामले पर दोनों देशों के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की 20वें राउंड की वार्ता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के काउंसलर यांग जिची ने सहमति दी। जिसके बाद यह वार्ता आयोजित की जा रही है। भारत और चीन के बीच 4000 किलोमीटर की लंबी सीमा है। सीमा पर शांति और स्थायित्व बनाए रखने की दिशा में यह वार्ता मील का पत्थर साबित हो सकती है।
विज्ञापन
Talks between National Security Advisor Ajit Doval and Chinese State Councillor Yang Jiechi begin in Delhi pic.twitter.com/x6ALvM9qXx
— ANI (@ANI) December 22, 2017विज्ञापन
बता दें कि डोकलाम में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों के संघर्ष के बाद से सीमा मसले पर दोनों पक्षों के बीच पहली वार्ता हो रही है।
यह भी पढ़ें: इस साल न के बराबर हुआ चीन से कारोबार, वजह भी है खास
विज्ञापन
डोकलाम मामले पर दोनों देशों के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की 20वें राउंड की वार्ता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के काउंसलर यांग जिची ने सहमति दी। जिसके बाद यह वार्ता आयोजित की जा रही है। भारत और चीन के बीच 4000 किलोमीटर की लंबी सीमा है। सीमा पर शांति और स्थायित्व बनाए रखने की दिशा में यह वार्ता मील का पत्थर साबित हो सकती है।