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सूरजकुंड में बनेगी 2019 के चुनावों की रणनीति, बीजेपी प्रदेश संगठऩ मंत्री होंगे शामिल
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 Jun 2018 04:01 AM IST
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बीजेपी
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20019 के लोकसभा चुनावों की रणनीति को लेकर बीजेपी के प्रदेश संगठन मंत्रियों का सम्मेलन सूरजकुंड में आयोजित किया जा रहा है। 14 से 17 जून तक चलने वाले इस सम्मेलन में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, आरएसएस के सहसरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल, आरएसएस के महासचिव भैय्याजी जोशी और बीजेपी के संगठन महामंत्री रामलाल भी हिस्सा ले सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस सम्मेलन में सभी राज्यों के 70 से ज्यादा संगठन मंत्री हिस्सा लेंगे। एक बार फिर बीजेपी 2019 के चुनावों की तैयारियों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही एकजुट विपक्ष और उससे मिल रही संभावित चुनौतियों पर भी मंथन किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि 14 जून से शुरू होने वाले इस सम्मेलन में हर दिन 4 सत्र होंगे और इस दौरान 2019 में होने वाले चुनावी अभियानों में पार्टी कैसे कैडर और वोटर का प्रयोग कर सकती है, इस पर चर्चा करेगी। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा होगी कि संघ और बीजेपी के बीच तालमेल को और मजबूत बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक सम्मेलन पर उन संसदीयों सीटों पर भी फोकस किया जाएगा, जहां पार्टी चुनावों में दूसरे नंबर रही है।
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बीजेपी के लिए सूरजकुंड बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 2014 में बीजेपी की जीत की स्क्रिप्ट यहीं लिखी गई थी। बीजेपी इससे पहले सूरजकुंड में सितंबर 2012 में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी आयोजित कर चुकी है, जिसमें पार्टी ने यूपीए सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। वहीं जून 2014 में बीजेपी के तकरीबन 200 नवनिर्वाचित सांसदों को ट्रेनिंग देने का आयोजन भी सूरजकुंड में किया गया था।
इसके अलावा यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनावों से पहले 10 सितंबर 2016 को भी सूरजकुंड में ही देशभर के संगठन मंत्रियों की मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें 5 राज्यों में जीत हासिल करने की योजना बनाई गई। हालांकि पार्टी पंजाब को छोड़ अन्य 4 में सरकार बनाने में कामयाब रही थी।
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सूत्रों के मुताबिक इस सम्मेलन में सभी राज्यों के 70 से ज्यादा संगठन मंत्री हिस्सा लेंगे। एक बार फिर बीजेपी 2019 के चुनावों की तैयारियों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही एकजुट विपक्ष और उससे मिल रही संभावित चुनौतियों पर भी मंथन किया जाएगा।
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सूत्रों का कहना है कि 14 जून से शुरू होने वाले इस सम्मेलन में हर दिन 4 सत्र होंगे और इस दौरान 2019 में होने वाले चुनावी अभियानों में पार्टी कैसे कैडर और वोटर का प्रयोग कर सकती है, इस पर चर्चा करेगी। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा होगी कि संघ और बीजेपी के बीच तालमेल को और मजबूत बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक सम्मेलन पर उन संसदीयों सीटों पर भी फोकस किया जाएगा, जहां पार्टी चुनावों में दूसरे नंबर रही है।
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बीजेपी के लिए सूरजकुंड बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 2014 में बीजेपी की जीत की स्क्रिप्ट यहीं लिखी गई थी। बीजेपी इससे पहले सूरजकुंड में सितंबर 2012 में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी आयोजित कर चुकी है, जिसमें पार्टी ने यूपीए सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। वहीं जून 2014 में बीजेपी के तकरीबन 200 नवनिर्वाचित सांसदों को ट्रेनिंग देने का आयोजन भी सूरजकुंड में किया गया था।
इसके अलावा यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनावों से पहले 10 सितंबर 2016 को भी सूरजकुंड में ही देशभर के संगठन मंत्रियों की मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें 5 राज्यों में जीत हासिल करने की योजना बनाई गई। हालांकि पार्टी पंजाब को छोड़ अन्य 4 में सरकार बनाने में कामयाब रही थी।