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Ahmedabad Serial Blast: 2008 के अहमदाबाद सीरियल धमाकों पर मंगलवार को आ सकता है फैसला

Mon, 07 Feb 2022 09:05 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 07 Feb 2022 09:05 PM IST
सार

जब यह मुकदमा चल रहा था, तब कुछ कैदियों ने साल 2013 में जेल में 213 फीट लंबी सुरंग खोदकर कथित तौर पर भागने की कोशिश की थी। इस जेल तोड़ने के प्रयास के लिए मुकदमा अभी भी लंबित है।

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2008 Ahmedabad serial blasts case judgement likely on Tuesday all you need to know in Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

साल 2008 के अहमदाबाद सीरियल धमाकों से जुड़े एक मामले में एक विशेष अदालत मंगलवार को फैसला सुना सकती है। एक वरिष्ठ लोक अभियोजक ने सोमवार को बताया कि इन हमलों में 56 लोगों की जान गई थी और लगभग 80 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। 13 साल से अधिक पुराने इस मामले में अदालत ने पिछले साल सितंबर में मुकदमे की कार्यवाही पूरी कर ली थी। 
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वरिष्ठ लोक अभियोजक सुधीर ब्रह्मदत्त ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की अध्यक्षता करने वाले विशेष न्यायाधीश एआर पटेल कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक होकर काम संभाल चुके हैं। ऐसे में मामले पर मंगलवार को फैसला आने की उम्मीद है। ट्रायल कोर्ट ने फैसले की तारीख एक फरवरी तय की थी लेकिन न्यायाधीश के कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाने की वजह से इसे आठ फरवरी कर दिया गया था।
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26 जुलाई 2008 को 70 मिनट की अवधि में हुए 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद को हिला कर रख दिया था। इन हमलों में 50 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक घायल हुए थे। पुलिस ने दावा किया था कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े लोगों ने साल 2002 में गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए इन हमलों को अंजाम दिया था, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोग मारे गए थे।
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अहमदाबाद में सिलसिलेवार धमाकों के कुछ दिन बाद पुलिस ने सूरत के विभिन्न इलाकों से कई बम बरामद किए थे। इसके बाद अहमदाबाद में 20 और सूरत में 15 एफआईआर दर्ज की गई थीं। अदालत की ओर से सभी 35 एफआईआर को एक साथ जोड़ देने के बाद दिसंबर 2009 में 78 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत हुई थी। इनमें से एक आरोपी बाद में सरकारी गवाह बन गया था।



मामले में बाद में चार और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उनका मुकदमा अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 1100 गवाहों का परीक्षण किया।
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