स्पेशल टाडा कोर्ट ने दाऊद के करीबी फारुक टकला को 28 मार्च तक की पुलिस हिरासत में भेजा
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सोमवार को 1993 मुंबई ब्लास्ट केस के मुख्य आरोपियों में से एक रहे मोहम्मद फारुक उर्फ फारुक टकला को स्पेशल टाडा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से टाडा कोर्ट ने उसको 28 मार्च तक की पुलिस हिरासत में भेजा।
इससे पहले इस मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने फारुक टकला की 14 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, इसके पीछे एजेंसी ने तर्क दिया था कि जांच के दौरान दिए गए उसके बयानों को सत्यापित किया जा सके।
बता दें कि फारुक टकला 1993 मुंबई ब्लास्ट में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी रहा है। उसके खिलाफ 1995 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। गौरतलब है कि इससे पहले फारुक टकला को गुरुवार (8 मार्च) को दुबई से भारत लाया गया था। और मुंबई के टाडा कोर्ट के सामने उसकी पेशी हुई। जहां कोर्ट ने उसे 19 मार्च तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा था।
Farooq Takla sent to Police custody till 28th March by special TADA court. Court observed in its order it feels further custody is needed to go to the depths of the case, it is clear that it was a crime of serious nature.
— ANI (@ANI) March 19, 2018
जानिए कौन है फारुक टकला
मुंबई में 17 फरवरी, 1961 को जन्मे टकला का असली नाम यासीन मंसूर मोहम्मद फारुक है। जांच एजेंसी के अनुसार टकला और उसके भाई मोहम्मद अहमद मंसूर उर्फ लंगड़ा ने धमाके के आरोपियों के लिए वाहनों का इंतजाम किया था। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी और 700 लोग घायल हुए थे। विशेष टाडा अदालत ने जून, 2017 में छह लोगों को दोषी करार दिया था।
अबू सलेम सहित दो को आजीवन कारावास और दो को मौत की सजा सुनाई गई है। एक दोषी को दस साल की जेल हुई है, जबकि मुस्तफा दोसा की दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में मौत हो गई।
इस आतंकी घटना के मास्टरमाइंड डॉन दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन सहित 27 आरोपी फरार हैं। टकला के खिलाफ 1995 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। मुंबई बम धमाकों के अलावा उसके खिलाफ हत्या, वसूली, अपहरण और आपराधिक साजिश के मामलों में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।