आपके काम की हैं मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार की ये 19 खास बातें
1- इस कैबिनेट विस्तार में जहां 19 मंत्रियो ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली वहीं स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे प्रकाश जावडेकर को कैबिनेट रैंक की शपथ दिलाई गई।
2- इस विस्तार के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुल 81 मंत्री हो गए हैं।
3- इस विस्तार में राजस्थान से 4 मंत्रियों ने शपथ ली है।
4- उत्तर प्रदेश से 3 मंत्रियों ने शपथ ली है।
5-मध्य प्रदेश और गुजरात से 3-3 मंत्रियों ने शपथ ली है।
6- उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण मतों को सहेजने के लिए भाजपा ने चंदौली से महेंद्र नाथ पाण्डेय को मंत्री बनाया है।
अनुप्रिया की मां हुईं नाराज
7- आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बसपा की सोशल इंजनीयरिंग का मुकाबला करने के लिए शाहजहांपुर से दलित कृष्णा राज को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
8- इस विस्तार में उत्तराखंड का सूखा खत्म करते हुए अजय टम्टा को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
9- इस सूखे को खत्म करते हुए पार्टी आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर नजर है और यहां दलित कार्ड खेला है।
10- शपथ ग्रहण के दौरान रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया से रामदास अठवाले शपथ लेते वक्त अपना नाम लेना ही भूल गए। फिर उन्हें राष्ट्रपति ने रोक नाम लेने को कहा। इस दौरान कई बार राष्ट्रपति ने रामदास को हिन्दी बोलकर शपथ दिलाई।
11- शपथ ग्रहण समारोह में बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल और गुजरात से राज्यसभा सांसद मनसुख मांडविया पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यक्रम स्थल तक साईकिल से आए।
12- अपना दल से सांसद अनुप्रिया पटेल द्वारा मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनकी मां और पार्टी अध्यक्ष कृष्णा पटेल भाजपा से गुस्सा हो गईं। उन्होंने कहा कि बिना पार्टी से पूछे मंत्री तय कर दिया गया।
13- इस विस्तार में दलित चेहरों और चुनाव पर ज्यादा फोकस किया गया।
पत्रकार डॉक्टर भी हैं विस्तार में शामिल
15- इस विस्तार में उन लोगों को निराशा हाथ लगी जिनके नाम की चर्चा प्रमोशन के लिए हो रही थी लेकिन वो पूरे समारोह से ही गायब दिखे।
16- हालांकि उन लोगों को खुशी जरूर हुई जिन पर किन्हीं कारणों से तलवार लटकी हुई थी और वे मंत्रिमंडल से हटाए नहीं गए।
17- इनमें नजमा हेपतुल्ला, कलराज मिश्रा शामिल हैं। दोनों की 70 पार उम्र के चलते उनके कैबिनेट में होने पर तलवार लटक रही थी।
18- इस विस्तार के बाद 5 पुराने मंत्रियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को इस्तीफा सौंप दिया।
19- इन पांच लोगों में निहाल चंद, राम शंकर कठेरिया, सांवर लाल जाट, मनसुखभाई डी वासवा और एम के कुंदरिया शामिल हैं।
Published By Rahul Sankrityayan