...और अटल जी की प्रवासी भारतीय दिवस परंपरा को प्रधानमंत्री मोदी ने बदल दिया
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज फख्र के साथ बताती हैं कि प्रवासी भारतीय दिवस 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बड़े शौक से शुरू किया था। वाजपेयी जी को प्रवासी भारतीय दिवस का कांसेप्ट पसंद आया और उनकी पहल पर ही इसे 7-9 जनवरी को मनाने का निर्णय लिया गया।
विदेश मंत्री इसके कारण में बताती हैं कि 9 जनवरी को ही देश के पहले प्रवासी भारतीय महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने इसी प्रवासी भारतीय दिवस की तारीख को बदलकर इसे 21-23 जनवरी के बीच में वाराणसी में मनाने का निर्णय लिया।
क्यों बदली तारीख?
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रवासी भारतीय दिवस-2019 की वेबसाइट का शुभारंभ किया। स्वराज ने प्रवासी भारतीय दिवस के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का विवरण बताया और सरकार को इस आयोजन से मिली सफलता भी गिनाई, लेकिन उन्होंने तारीख बदलने को लेकर मीडिया के तीखे सवाल को भांपकर उससे (मीडिया) से कोई सवाल नहीं लिया।
हालांकि अपने तरफ से दी गई सफाई में विदेश मंत्री ने कहा कि यह तारीख विदेश में रह रहे भरतवंशियों के आग्रह पर बदली गई है। सुषमा स्वराज के अनुसार भरतवंशियों ने इलाहाबाद के कुंभ का हवाला देकर तारीख को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। विदेश मंत्री ने कहा कि 15 जनवरी 2019 से इलाहाबाद में कुंभ शुरू हो रहा है।
21-23 जनवरी तक वाराणसी में मनाया जाएगा प्रवासी भारतीय दिवस
कुंभ और भरतवंशियों के अनुरोध को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर इसे 21-23 जनवरी 2019 को प्रवासी भारतीय दिवस को वाराणसी में मनाने का निर्णय लिया गया। ताकि 24 जनवरी 2019 को भरतवंशी बस द्वारा इलाहाबाद में कुंभ में स्नान, कुंभ की छटा का दर्शन कर सकें। वहां भारद्वाज मुनि के आश्रम, इलाहाबाद के किले में सरस्वती नदी और अक्षय वट वृक्ष का देख सकें।
फिर 24 जनवरी को ही उन्हें रेल मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली विशेष प्रवासी भारतीय ट्रेन से 25 जनवरी को दिल्ली लाया जा सके। यहां वह 26 जनवरी को राजपथ पर भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह को देख सकें। सुषमा स्वराज के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार इस बार राज्य पार्टनर है। सरकार इसमें बढ़ चढकर सहयोग दे रही है और यह प्रवासी भारतीय समारोह विदेश मंत्रालय का आयोजन कम, काशी का ज्यादा है।
गंगा आरती के साथ शुरू होगा प्रवासी भारतीय दिवस
विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने जानकारी दी कि प्रवासी भारतीय दिवस का 21 जून को आगाज प्राचीन शहर वाराणसी में गंगा नदी के किनारे घाट पर गंगा आरती की विलक्षण छटा के साथ शुरू होगा। इसके बाद समारोह के अन्य कार्यक्रम ट्रेड फैसिलेटेशन सेंटर में होंगे। इस तरह से यह पहला अवसर होगा जब धार्मिक अनुष्ठान के साथ प्रवासी भारतीय दिवस की शुरूआत होगी। भरतवंशी यहां से फिर कुंभ मेले में जाएंगे और फिर राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह की छटा देखेंगे।
प्रधानमंत्री ने ही बदली परंपरा
विदेश मंत्री ने कहा कि 2003 में शुरू हुआ प्रवासी भारतीय दिवस 2014 तक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की परंपरा के अनुसार चला, लेकिन 2014 में केंद्र में नई सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री ने इसकी परंपरा में बदलाव किया। उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस को दिल्ली में मनाए जाने की परंपरा को तोड़ा।
2015 में प्रधानमंत्री ने इसका आयोजन अपने गृह राज्य गुजरात के गांधी नगर में कराने का निर्णय लिया। 2017 में इसका आयोजन कर्नाटक में हुआ और 2019 में प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन की तारीख को बदलकर इसे प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मनाए जाने की तैयारी चल रही है।
बनारस के संभ्रांत परिवार में रुकेंगे भरतवंशी : योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सतत प्रयास के लिए जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारी में कोई कसर न छोडऩे की इच्छाशक्ति दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भरतवंशियों के लिए काशी लेकर कुंभ तक स्विस काटेज की व्यवस्था की जा रही है। समारोह को उत्सव के रूप में मनाने के लिए सभी इंतजाम पर खास ध्यान हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजना प्रवासी भारतीयों को बनारस के संभ्रांत परिवारों के साथ ठहराने की भी है। इसके लिए बनारस के लोगों ने इच्छाशक्ति दिखाई है। इसी तरह से इलाहाबाद में भी संगम, त्रिवेणी, कुंभ, कुंभ की छटा, भारद्वाज ऋषि का आश्रम, अक्षय वट वृक्ष समेत उन्हें अन्य स्थल पर ले जाने की योजना है। केंद्र सरकार इसके लिए केंद्र सरकार के साथ उच्च स्तर पर काम कर रही है।
प्रवासी भारतीय दिवस का कार्यक्रम शेड्यूल
प्रवासी भारतीय दिवस के पहले दिन 21 जनवरी को यूथ प्रवासी भारतीय दिवस होगा। इस दिन मुख्य अतिथि ओसीआई कार्ड होल्डर नार्वे के हिमांशु गुलाटी होंगे। चरणजीत सिंह बख्शी भी होंगे। यूथ प्रवासी भारतीय दिवस के उद्घाटन और कार्यक्रम के बाद ये बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय(बीएचयू)जाएंगे। बीएचयू में गुलाटी समेत अन्य छात्रों के साथ समारोह, कार्यक्रम, वार्तालाप आदि में हिस्सा लेंगे। वहीं इन सभी के रात्रिभोज का भी कार्यक्रम है।
22 जून को प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। इसदिन मुख्यअतिथि मॉरीशस के प्रधानमंत्री जगन्नाथ होंगे। 23 जनवरी को राष्ट्रपति परंपरा के अनुरुप प्रवासी भारतीय दिवस समारोह का समापन करेंगे। इस बार भी एक सम्मान पाने वाले प्रवासी भारतीयों को लेकर भी बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 15 की बजाय 30 प्रवासी भारतीयों को सम्मानित करेंगे।
अटल जी की कविताएं
प्रवासी भारतीयों को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद ताजा होगी। केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने इसकी भी पूरी तैयारी कर रखी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं का काव्यपाठ भी होगा।