G-20 सम्मेलन में बोले पीएम मोदी- हम कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी लाए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को 15वें G-20 शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने एलईडी लाइट को लोकप्रिय बनाया जिससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 38 मिलियन टन प्रति वर्ष तक कम किया गया है। पीएम ने उज्ज्वला योजना के बारे में बताते हुए कहा कि हमने इस योजना के माध्यम से 8 करोड़ से अधिक घरों को धुआं मुक्त रसोई प्रदान की है।
पीएम मोदी ने कहा कि हम 2022 से पहले 175 गीगाबाइट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। अब हमने 2030 तक इसे बढ़ाकर 450 गीगाबाइट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस दौर में जलवायु परिवर्तन पर भी विश्व को ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पीएम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से अलग-अलग होकर नहीं बल्कि एकीकृत, व्यापक और समग्र तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि पर्यावरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता बनी हुई है। भारत कार्बन का कम से कम उपयोग और जलवायु परिवर्तन के विकास पर जोर दे रहा है जो कि पेरिस समझौते के लक्ष्यों सिर्फ पूरा ही नहीं कर रहा बल्कि उससे आगे बढ़कर काम कर रहा है।
पीएम ने कहा कि हमारा लक्ष्य साल 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर भूमि को फिर से खेती के लिए उपयुक्त बनाने की है। हम एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सबसे तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक है।
पीएम मोदी ने कहा कि हम अरबों डॉलर जुटाने, हजारों हितधारकों को प्रशिक्षित करने और अक्षय ऊर्जा में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में बेहद मददगार साबित होगा।
भारत इटली और इंडोनेशियाई प्रेसीडेंसी के बाद 2023 में जी 20 एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है।
Order of the rotating Presidency is decided among G-20 member states on the basis of consultations & mutual convenience. India looks forward to taking forward the G20 agenda in 2023 after the Italian and Indonesian Presidencies: Sources
— ANI (@ANI) November 22, 2020