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पीओके में जुटे 150 आतंकी, नापाक करतूत का जवाब देने को हाई अलर्ट पर सेना
Sun, 11 Aug 2019 06:53 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 11 Aug 2019 06:53 AM IST
सार
- भारत में अशांति फैलाने की लगातार साजिश रच रहा है पाकिस्तान
- पीओके के कोटली, रावलकोट, बाघ, मुजफ्फराबाद में आतंकी शिविर फिर सक्रिय: खुफिया सूत्र
- पीओके में देखा गया जैश सरगना मसूद अजहर का भाई इब्राहिम
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए खत्म होने के बाद पाकिस्तान लगातार भारत में अशांति फैलाने की साजिश रच रहा है। खबर है कि पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और जम्मू-कश्मीर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दर्जन भर आतंकी शिविरों को फिर सक्रिय कर दिया गया है।
दरअसल, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की मई 2019 तक की समयसीमा देखते हुए लगभग पूरी तरह बंद हुए आतंकी शिविरों में पिछले सप्ताह के दौरान सक्रियता बढ़ गई है। शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक पीओके के कोटली, रावलकोट, बाघ और मुजफ्फराबाद में आतंकी शिविर फिर सक्रिय हो गए हैं। इसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इमरान संसद में दे चुके गीदड़भभकी
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में संसद के संयुक्त सत्र में कहा था कि भारत में अगर पुलवामा जैसा हमला होता है तो इसके लिए इस्लामाबाद जिम्मेदार नहीं होगा। इमरान के बयान में प्रत्यक्ष तौर पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा तथा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स को प्रशिक्षण शिविर और लॉन्च पैड दोबारा सक्रिय करने के लिए खुली छूट दी गई है।
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खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लश्कर, जैश और तालिबान के लगभग 150 आतंकी कोटली के निकट फागूश और कुंड शिविरों तथा मुजफ्फराबाद क्षेत्र में शवाई नल्लाह और अब्दुल्ला बिन मसूद शिविरों में इकट्ठे हुए हैं। जैश सरगना मसूद अजहर का भाई इब्राहिम भी पीओके में देखा गया है।
दुनिया की ओर ताक रहे इमरान से अपना घर नहीं संभल रहा
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से बौखलाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया से साथ देने की भीख भले मांग रहे हों लेकिन उनसे अपना ही घर नहीं संभल रहा। इमरान विपक्ष को एकजुट करने में नाकाम रहे हैं। शुक्रवार को नेशनल असेंबली में सरकार और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर संसद में विपक्ष द्वारा तैयार किए गए सद्भाव और एकता के माहौल को सरकार ने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए खराब कर दिया।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से भारत के घरेलू मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश में लगे इमरान लगातार दुनिया के देशों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन उन्हें हर जगह से ठोकर ही मिल रही है। वह अपने देश के राजनीतिक दलों को भी इस मुद्दे पर एकजुट नहीं कर पाए हैं।
नेशनल असेंबली में संयुक्त सत्र के दौरान कश्मीर मसले पर शाहबाज ने इमरान पर हमला बोलते हुए कहा, इमरान भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी को खुश करने की कोशिश में लगे हैं। इसी मुद्दे पर बात बढ़ते-बढ़ते सत्ता और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए और असेंबली में काफी देर तक हंगामा हुआ।
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दरअसल, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की मई 2019 तक की समयसीमा देखते हुए लगभग पूरी तरह बंद हुए आतंकी शिविरों में पिछले सप्ताह के दौरान सक्रियता बढ़ गई है। शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक पीओके के कोटली, रावलकोट, बाघ और मुजफ्फराबाद में आतंकी शिविर फिर सक्रिय हो गए हैं। इसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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इमरान संसद में दे चुके गीदड़भभकी
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में संसद के संयुक्त सत्र में कहा था कि भारत में अगर पुलवामा जैसा हमला होता है तो इसके लिए इस्लामाबाद जिम्मेदार नहीं होगा। इमरान के बयान में प्रत्यक्ष तौर पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा तथा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स को प्रशिक्षण शिविर और लॉन्च पैड दोबारा सक्रिय करने के लिए खुली छूट दी गई है।
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खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लश्कर, जैश और तालिबान के लगभग 150 आतंकी कोटली के निकट फागूश और कुंड शिविरों तथा मुजफ्फराबाद क्षेत्र में शवाई नल्लाह और अब्दुल्ला बिन मसूद शिविरों में इकट्ठे हुए हैं। जैश सरगना मसूद अजहर का भाई इब्राहिम भी पीओके में देखा गया है।
दुनिया की ओर ताक रहे इमरान से अपना घर नहीं संभल रहा
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से बौखलाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया से साथ देने की भीख भले मांग रहे हों लेकिन उनसे अपना ही घर नहीं संभल रहा। इमरान विपक्ष को एकजुट करने में नाकाम रहे हैं। शुक्रवार को नेशनल असेंबली में सरकार और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर संसद में विपक्ष द्वारा तैयार किए गए सद्भाव और एकता के माहौल को सरकार ने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए खराब कर दिया।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से भारत के घरेलू मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश में लगे इमरान लगातार दुनिया के देशों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन उन्हें हर जगह से ठोकर ही मिल रही है। वह अपने देश के राजनीतिक दलों को भी इस मुद्दे पर एकजुट नहीं कर पाए हैं।
नेशनल असेंबली में संयुक्त सत्र के दौरान कश्मीर मसले पर शाहबाज ने इमरान पर हमला बोलते हुए कहा, इमरान भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी को खुश करने की कोशिश में लगे हैं। इसी मुद्दे पर बात बढ़ते-बढ़ते सत्ता और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए और असेंबली में काफी देर तक हंगामा हुआ।
समझौता-थार एक्सप्रेस के बाद पाक ने दिल्ली-लाहौर बस सेवा भी बंद की
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले के बाद से बौखलाए पाकिस्तान ने समझौता और थार एक्सप्रेस के बाद दिल्ली-लाहौर बस सेवा को बंद करने का फैसला किया है। इससे पहले पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस रेल सेवा रोक दी थी जिसके बाद से ही कयास लगने शुरू हो गए थे कि पाकिस्तान इस सेवा को रोक सकता है। शुक्रवार शाम को पाकिस्तान की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि वह दिल्ली-लाहौर बस सेवा बंद कर रहे हैं।
यह बस सेवा साल 1999 में शुरू हुई थी। साल 2001 में संसद पर हमले के बाद यह रोकी गई थी, जो 2003 में दोबारा शुरू की गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ के बीच लाहौर समिट के बाद इस बस सेवा की शुरुआत की गई थी।
बता दें कि दिल्ली गेट के पास अंबेडकर स्टेडियम बस अड्डे से लाहौर के लिए डीटीसी बसों का संचालन किया जाता है। ये बसें प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती हैं। पाकिस्तान पर्यटन विकास निगम (पीटीडीसी) हर मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दिल्ली के लिए बस चलाता है। दिल्ली से लाहौर के बीच 30 सीटों वाली बस चलाई जाती है।
लाहौर जाने वाली पाकिस्तान की बस दिल्ली से रवाना
अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से पीटीडीसी की एक बस दो यात्रियों के साथ शनिवार सुबह लाहौर रवाना हुई। पाकिस्तान द्वारा बस सेवा रोकने के बाद शनिवार को दिल्ली से दिल्ली परिवहन प्राधिकरण (डीटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पाकिस्तान पर्यटन विकास प्राधिकरण (पीटीडीसी) की बस दो यात्रियों को लेकर अंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल से सुबह छह बजे लाहौर के लिए रवाना हुई।
वहीं, लाहौर से दिल्ली आ रही डीटीसी की बस में तीन यात्री सवार हैं। उन्होंने कहा कि पीटीडीसी ने सेवा को निलंबित करने के संबंध में डीटीसी को फोन पर सूचित कर दिया है।
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले के बाद से बौखलाए पाकिस्तान ने समझौता और थार एक्सप्रेस के बाद दिल्ली-लाहौर बस सेवा को बंद करने का फैसला किया है। इससे पहले पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस रेल सेवा रोक दी थी जिसके बाद से ही कयास लगने शुरू हो गए थे कि पाकिस्तान इस सेवा को रोक सकता है। शुक्रवार शाम को पाकिस्तान की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि वह दिल्ली-लाहौर बस सेवा बंद कर रहे हैं।
यह बस सेवा साल 1999 में शुरू हुई थी। साल 2001 में संसद पर हमले के बाद यह रोकी गई थी, जो 2003 में दोबारा शुरू की गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और तत्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ के बीच लाहौर समिट के बाद इस बस सेवा की शुरुआत की गई थी।
बता दें कि दिल्ली गेट के पास अंबेडकर स्टेडियम बस अड्डे से लाहौर के लिए डीटीसी बसों का संचालन किया जाता है। ये बसें प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती हैं। पाकिस्तान पर्यटन विकास निगम (पीटीडीसी) हर मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दिल्ली के लिए बस चलाता है। दिल्ली से लाहौर के बीच 30 सीटों वाली बस चलाई जाती है।
लाहौर जाने वाली पाकिस्तान की बस दिल्ली से रवाना
अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से पीटीडीसी की एक बस दो यात्रियों के साथ शनिवार सुबह लाहौर रवाना हुई। पाकिस्तान द्वारा बस सेवा रोकने के बाद शनिवार को दिल्ली से दिल्ली परिवहन प्राधिकरण (डीटीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पाकिस्तान पर्यटन विकास प्राधिकरण (पीटीडीसी) की बस दो यात्रियों को लेकर अंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल से सुबह छह बजे लाहौर के लिए रवाना हुई।
वहीं, लाहौर से दिल्ली आ रही डीटीसी की बस में तीन यात्री सवार हैं। उन्होंने कहा कि पीटीडीसी ने सेवा को निलंबित करने के संबंध में डीटीसी को फोन पर सूचित कर दिया है।
13 भारतीय राजनयिकों ने सपरिवार छोड़ा पाकिस्तान
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कमी लाने का एलान किया था। अभी तक 13 भारतीय राजनयिक अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवार के साथ पाकिस्तान छोड़ चुके हैं।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन राजनयिकों ने अस्थायी या फिर स्थायी तौर पर पाकिस्तान छोड़ा है। वहीं इससे पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी पाकिस्तान ने भारत वापस जाने को कहा था।
ईद पर लोगों को ज्यादा सुविधाएं देने की कोशिश : मलिक
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कहना है कि वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईद पर लोगों को अधिकतम सुविधाएं मिले। श्रीनगर में सत्यपाल मलिक ने कहा, हम ईद की तैयारी कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान की जाएं। लोगों को ईद को बिना किसी डर और शांति के साथ मनाना चाहिए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस विशेष दर्जा हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची
नेशनल कॉन्फ्रेंसके दो सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को चुनौती दी है। बारामुला के सांसद मोहम्मद अकबर लोन और अनंतनाग के सांसद हसनैन मसूदी ने शनिवार को याचिका दायर कर राष्ट्रपति के आदेश को निरस्त करने की मांग की, जिसके जरिये अनुच्छेद 370 में बदलाव किया गया है।
याचिका में जम्मू-कश्मीर (पुनर्गठन) अधिनियम, 2019 पर भी आपत्ति जताई गई है, जिसके जरिये राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया। सांसदों ने शीर्ष अदालत से अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को ‘असांविधानिक, अमान्य और निष्प्रभावी घोषित करने को लेकर निर्देश देने का अनुरोध किया है। साथ ही जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम - 2019 को भी ‘असांविधानिक घोषित करने की मांग की है।
वहीं, कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक ने भी याचिका दायर कर इंटरनेट व दूरसंचार सेवा को तत्काल बहाल करने की मांग की है। साथ ही पत्रकारों को आने-जाने की छूट दी जाए जिससे कि प्रेस व मीडिया की आजादी सुनिश्चित की जा सके। अखबार प्रकाशित तक नहीं हो पा रही है। याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदी हटाई जाए।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों में कमी लाने का एलान किया था। अभी तक 13 भारतीय राजनयिक अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवार के साथ पाकिस्तान छोड़ चुके हैं।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन राजनयिकों ने अस्थायी या फिर स्थायी तौर पर पाकिस्तान छोड़ा है। वहीं इससे पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी पाकिस्तान ने भारत वापस जाने को कहा था।
ईद पर लोगों को ज्यादा सुविधाएं देने की कोशिश : मलिक
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कहना है कि वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईद पर लोगों को अधिकतम सुविधाएं मिले। श्रीनगर में सत्यपाल मलिक ने कहा, हम ईद की तैयारी कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान की जाएं। लोगों को ईद को बिना किसी डर और शांति के साथ मनाना चाहिए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस विशेष दर्जा हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची
नेशनल कॉन्फ्रेंसके दो सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को चुनौती दी है। बारामुला के सांसद मोहम्मद अकबर लोन और अनंतनाग के सांसद हसनैन मसूदी ने शनिवार को याचिका दायर कर राष्ट्रपति के आदेश को निरस्त करने की मांग की, जिसके जरिये अनुच्छेद 370 में बदलाव किया गया है।
याचिका में जम्मू-कश्मीर (पुनर्गठन) अधिनियम, 2019 पर भी आपत्ति जताई गई है, जिसके जरिये राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया। सांसदों ने शीर्ष अदालत से अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को ‘असांविधानिक, अमान्य और निष्प्रभावी घोषित करने को लेकर निर्देश देने का अनुरोध किया है। साथ ही जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम - 2019 को भी ‘असांविधानिक घोषित करने की मांग की है।
वहीं, कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक ने भी याचिका दायर कर इंटरनेट व दूरसंचार सेवा को तत्काल बहाल करने की मांग की है। साथ ही पत्रकारों को आने-जाने की छूट दी जाए जिससे कि प्रेस व मीडिया की आजादी सुनिश्चित की जा सके। अखबार प्रकाशित तक नहीं हो पा रही है। याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदी हटाई जाए।
10-15 दिन में हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण होंगे : रेड्डी
गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में प्रतिबंधों में ढील दी गई है और उम्मीद है कि आने वाले 10 से 15 दिन में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण हो जाएगी। रेड्डी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और पाकिस्तान और उसके नेता गैरजिम्मेदाराना और उकसाने वाले बयान दे रहे हैं।
हमने सुरक्षा को लेकर सभी एहतियाती कदम उठाए हैं, चाहे सेना की तैनाती हो या अर्द्धसैनिक बलों की। घाटी में संचार सेवाएं बहाल करने पर रेड्डी ने कहा कि कई जगहों पर सेवाएं चालू कर दी गई हैं और आने वाले दिनों में राज्य में संचार सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
कश्मीर में हजारों के प्रदर्शन की खबर गलत : गृह मंत्रालय
जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के खिलाफ कश्मीर घाटी में सिर्फ छिटपुट प्रदर्शन हुए और किसी भी प्रदर्शन में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हुए। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को घाटी में 10 हजार लोगों के प्रदर्शन की मीडिया में आई खबर को गढ़ा हुआ और गलत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि केवल श्रीनगर और बारामूला में ही छिटपुट प्रदर्शन हुए हैं।
हमने सुरक्षा को लेकर सभी एहतियाती कदम उठाए हैं, चाहे सेना की तैनाती हो या अर्द्धसैनिक बलों की। घाटी में संचार सेवाएं बहाल करने पर रेड्डी ने कहा कि कई जगहों पर सेवाएं चालू कर दी गई हैं और आने वाले दिनों में राज्य में संचार सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
कश्मीर में हजारों के प्रदर्शन की खबर गलत : गृह मंत्रालय
जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के खिलाफ कश्मीर घाटी में सिर्फ छिटपुट प्रदर्शन हुए और किसी भी प्रदर्शन में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हुए। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को घाटी में 10 हजार लोगों के प्रदर्शन की मीडिया में आई खबर को गढ़ा हुआ और गलत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि केवल श्रीनगर और बारामूला में ही छिटपुट प्रदर्शन हुए हैं।