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मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर 1200 करोड़ की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार, 200 करोड़ रुपये जब्त
एजेंसी, हैदराबाद
Updated Sun, 09 Sep 2018 05:44 AM IST
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हैदराबाद में मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबराबाद की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए 200 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी हरियाणा में एक कंपनी के मुख्यालय से कई लोगों को धोखा दे चुके हैं। उनकी ठगी का तरीका दो सदस्य बनाने की कड़ी से जुड़ा था। इसमें वह किसी व्यक्ति को दो अन्य लोगों को साथ जोड़ने के लिए कहता था और फिर उन दोनों लोगों को अपने साथ दो-दो सदस्य जोड़ने के लिए कहा जाता। इस प्रकार लोगों से कहा जाता था कि जितनी लंबी शृंखला बनाओगे, उतना ज्यादा कमीशन और अन्य लाभ दिए जाएंगे।
पुलिस ने इस स्कीम के आरोपियों को आईपीसी की धारा 420 के तहत गिरफ्तार किया है। इसमें पुरस्कार धोखाधड़ी और धन प्रेषण योजना (पीसीएमसीएस) (प्रतिबंध) कानून 1978 की धारा 3 का भी हवाला दिया गया है, जिसके तहत इस तरह की स्कीम चलाना अपराध माना गया है। सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि दो सदस्यों वाली स्कीम गणितीय असंभाव्यता से जुड़ी है और इससे जुड़ने वाले सदस्य आखिरकार धोखाधड़ी के शिकार होते हैं।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी हरियाणा में एक कंपनी के मुख्यालय से कई लोगों को धोखा दे चुके हैं। उनकी ठगी का तरीका दो सदस्य बनाने की कड़ी से जुड़ा था। इसमें वह किसी व्यक्ति को दो अन्य लोगों को साथ जोड़ने के लिए कहता था और फिर उन दोनों लोगों को अपने साथ दो-दो सदस्य जोड़ने के लिए कहा जाता। इस प्रकार लोगों से कहा जाता था कि जितनी लंबी शृंखला बनाओगे, उतना ज्यादा कमीशन और अन्य लाभ दिए जाएंगे।
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पुलिस ने इस स्कीम के आरोपियों को आईपीसी की धारा 420 के तहत गिरफ्तार किया है। इसमें पुरस्कार धोखाधड़ी और धन प्रेषण योजना (पीसीएमसीएस) (प्रतिबंध) कानून 1978 की धारा 3 का भी हवाला दिया गया है, जिसके तहत इस तरह की स्कीम चलाना अपराध माना गया है। सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि दो सदस्यों वाली स्कीम गणितीय असंभाव्यता से जुड़ी है और इससे जुड़ने वाले सदस्य आखिरकार धोखाधड़ी के शिकार होते हैं।
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