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गुजरात हाईकोर्ट में किसानों का विरोध, बुलेट ट्रेन परियोजना पर नाराज

Tue, 18 Sep 2018 08:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Updated Tue, 18 Sep 2018 08:15 PM IST
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1000 farmers in Gujarat High Court opposed the bullet train project
प्रस्तावित मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से प्रभावित करीब एक हजार किसानों ने गुजरात उच्च न्यायालय में मंगलवार को हलफनामा दायर कर परियोजना का विरोध किया है। मुख्य न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति वी एम पंचोली की एक खंडपीठ हाई स्पीड रेल परियोजना के लिये जमीन अधिग्रहण को चुनौती देने वाली पांच याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। 
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इन याचिकाकर्ताओं के अलावा 1000 किसानों ने उच्च न्यायालय में अलग से हलफनामा देकर कहा कि केंद्र की इस महत्वाकांक्षी 1.10 लाख करोड़ रूपये की परियोजना से काफी कृषक प्रभावित हुए हैं और वे इसका विरोध करते हैं। बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित मार्ग से जुड़े गुजरात के विभिन्न जिलों के प्रभावित किसानों ने हलफनामे में कहा कि वे नहीं चाहते कि परियोजना के लिये उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाए। 
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उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा भू अधिग्रहण प्रक्रिया इस परियोजना के लिये भारत सरकार को सस्ती दर पर कर्ज मुहैया कराने वाली जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के दिशानिर्देशों के भी विपरीत है। 
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किसानों ने आरोप लगाया कि गुजरात सरकर ने बुलेट ट्रेन के लिये सितंबर 2015 में भारत और जापान के बीच समझौते के बाद भू अधिग्रहण अधिनियम 2013 के प्रावधानों को हलका किया और प्रदेश सरकार द्वारा किया गया संशोधन अपने आप में जेआईसीए के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने अदालत को बताया कि न तो उनकी सहमति ली गई न ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई करते हुए उनसे कोई परामर्श किया गया। इनपुट: भाषा 
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